सरकार बनते ही पुराने प्रस्ताव भी बाहर आए:राज के साथ बदला रिवाज; गिन्नाणी में जलभराव रोकने का काम शुरू, जूनागढ़ नाला भी शिफ्ट होगा

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सरकार बनते ही पुराने प्रस्ताव भी बाहर आए:राज के साथ बदला रिवाज; गिन्नाणी में जलभराव रोकने का काम शुरू, जूनागढ़ नाला भी शिफ्ट होगा

बीकानेर

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो।

ऐसे कई काम हैं, जाे चार साल में नहीं हो सके। यूडी टैक्स का सर्वे 2005 में हुआ था। मेयर ने नया सर्वे कराने का वादा किया था। बजट बैठक में इसे पारित भी किया जा चुका। कांजी हाउस बनाने का निर्णय पेंडिंग है। वल्लभ गार्डन एमआरएफ सेंटर काे पीपीपी माेड पर देने का निर्णय हुआ था। प्रमुख बाजाराें के बीच निगम स्वामित्व वाली जमीन पर मल्टी स्टाेरी पार्किंग बनाने का वादा किया गया था। शार्दूलसिंह सर्किल पर गणगाैर व ईसर की प्रतिमा लगाने का भराेसा दिया गया था।

पिंक बस अभी भी सिर्फ सपना बनी हुई है। बाजारों में महिलाओं के लिए शौचालय का इंतजार बरकरार है। ऐसे तमाम मुद्दे हैं जाे अब मेयर को याद आ रहे हैं, लेकिन तब अड़चन प्रशासनिक सपोर्ट की थी। अब अड़चन बजट की जाएगी। मेयर हाउस के लिए चार करोड़ का बजट मुहैया हो सकता है, लेकिन नई बिल्डिंग के लिए 20 कराेड़ रुपए जुटाना मुश्किल हाेगा। निगम के आर्थिक हालात ठीक नहीं है।

मेयर हाउस बनाने पर बात मेयर से हुई है। निगम के पास नाले का लिंक बड़े नाले से करने का काम शुरू कर दिया। दीनदयाल सर्किल के ऑफिस काे मल्टीस्टाेरी बनाने विकल्प है, मगर उसके लिए 20 कराेड़ की जरूरत है। ऐसे तमाम मुद्दे हैं जिन पर वर्किंग शुरू की है। पिंक बस पर अभी कुछ नहीं साेचा। -केसरलाल मीणा, आयुक्त नगर निगम

छाेटे से बड़े नाले का मिलान : नगर निगम और पुरानी गिन्नाणी में बारिश के दाैरान पानी भराव राेकने के लिए मेयर ने पेट्राेल पंप के पास से पाइप लाइन डालकर कीर्तिस्तंभ के पास के बड़े नाले में डालने के लिए कहा था। बाद में उसे संशाेधन करते हुए निगम के नाले से बड़े नाले में जाेड़ने का काम स्वीकृत हुआ। एक साल से काम स्वीकृत था लेकिन टेंडर 5 अक्टूबर से पहले खुला और जैसे ही नई सरकार बनी ताे शनिवार से उस पर काम शुरू हाे गया। 11 लाख रुपए खर्च हाेंगे।

मेयर हाउस पर मंगलवार काे हाेगा निर्णय : करीब 4 कराेड़ की लागत से मेयर हाउस बनाने का निर्णय आज के तीन साल पहले साधारण सभा की बैठक में पारित हुआ था। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ये ठंडे बस्ते में रहा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी ताे अब उस फाइल काे खंगाला जाने लगा है। साेमवार काे आयुक्त जाेधपुर रहेंगे लेकिन मंगलवार के इस पर फैसला हाेगा। जगह पहले से निर्धारित है।

नया ऑफिस : जानकार बताते है कि मेयर नगर निगम का नया भवन बनाने आयुक्त काे कसरत करने के लिए कहा है। इसमें सवाल ये उठ रहा कि आने वाले वक्त में जैसे-जैसे शहर का विस्तार हाेगा निगम काे दफ्तर बढ़ाने हाेंगे ताे एक जगह सारी ऑफिस क्याें शिफ्ट किए जाएं। आयुक्त का तर्क है कि जहां ऑफिस है वहां मुख्यालय रहने दिया जाए और दीनदयाल समेत अन्य जगह और हाॅल या अन्य भवन बनाकर इसे तैयार किया जाए।

व्यू…..प्रदेश में भाजपा की सत्ता है और बीकानेर में नगर निगम में भी भाजपा की सरकार है। अगर मेयर सत्ता का असर दिखाना ही चाहती ताे कुछ ऐसे बिंदु हैं जिनकी अर्से से मांग की थी। पूर्व सीएम वसुंधराराजे ने बीकानेर नगर पालिका काे नगर निगम का दर्जा दिया था लेकिन तब से अत तक नगर निगम के नाम पर सिर्फ कुछ पद ही बदले। जैसे नगर पालिका अध्यक्ष से मेयर, आयुक्त-उपायुक्त जैसे ही पदनाम बदले लेकिन हालाताें में काेई सुधार नहीं। निगम में उप पुलिस अधीक्षक का पद है, लेकिन आज तक वाे भरा नहीं गया।

सीआई पद भी ज्यादातर खाली रहा। जाेनल ऑफिस सिस्टम डवलप नहीं हुआ। आबादी के हिसाब से 3000 सफाई कर्मचारी चाहिए वाे नहीं हैं। कर्मचारियाें की जितनी संख्या हाेनी चाहिए वाे भी नहीं है। यहां तक कि जाे सृजित पद हैं वे ही खाली हैं। एक्सईएन का सिर्फ एक पद भरा हुआ है। उपायुक्त का भी एक पद रिक्त है। काम में पारदर्शिता और फाइलाें का ऑनलाइन मूवमेंट पता लग सके। ऐसे तमाम काम हैं जिससे जनता काे राहत मिलेगी।

मांग के बावजूद नहीं बन रहा था जूनागढ़ नाला, अब हुए टेंडर

नगर निगम ने चुनाव खत्म हाेते ही सबसे बड़ा काम जूनागढ़ के किनारे-किनारे चल रहे नाले काे अब विपरीत साइड में करने पर काम शुरू कर दिया। 54 लाख रुपए का टेंडर लगा दिया गया। जल्दी ही टेंडर खुलेगा और काम शुरू हाे जाएगा। महिला मंडल स्कूल से नाला राेड के दूसरी साइड शिफ्ट हाेगा। इससे बार-बार खाई टूटने और बार-बार सड़क के धंसने की समस्या खत्म हाे जाएगी। नाले काे पूरी तरह पाटा जाएगा ताकि यातायात में दिक्कत ना हाे।

नाला सरकारी जमीन पर बनेगा। किसी की भी जमीन एक्वायर नहीं की जाएगी। निगम इसके विराेध से भी निबटने के लिए तैयार है। दरअसल कुछ फर्नीचर की दुकान वाले इसका विराेध कर रहे हैं। इस राेड पर अब अक्सर जाम रहता है। बेतरतीब वाहन खड़े हाेने से लाेगाें काे तकलीफ हाेती है क्याेंकि सड़क के एक किनारे तक फर्नीचर का सामान रहता है और दूसरी ओर वाहन। निगम नाला बनाकर अतिक्रमण का रास्ता ही बंद करेगा।

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