सुरभि बोथरा, वंदना भूरा के तप अनुमोदन में गीतिका संगान

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

लूणकरणसर।चातुर्मास में पखवाड़े की तपस्या के क्रम में स्थानीय तेरापंथ युवक परिषद भजन मंडली द्वारा घर घर जाकर अनुमोदना व्यक्त की जा रही है । जानकारी देते हुए जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के मंत्री श्रीकांत डागा ने बताया की तेरापंथ भवन में साथ ही मान कुमारी द्वितीय ने कहा की साधना के अनेक प्रकार हैं जिसमें तपस्या को प्रधान बताया गया है तप से कर्म निर्जरा के साथ में आत्म शुद्धि, भाव शुद्धि के साथ शारीरिक रोगों का भी निवारण होता है जो कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सही है। तपस्या के दौरान व्यक्ति अपनी आत्मा में केंद्रित हो जाता है और उसे देखने का प्रयास करता है आत्मा को जानने के लिए तपस्या आवश्यक है। वन्दना भूरा, सुरभि बोथरा के गीतिका संगान में मीडिया प्रभारी श्रेयांस बैद गौरव भूरा,अमित बोथरा,धनपत तातेड, दिनेश गोलछा,विकास तातेड,पुष्पक दुगड़, रोनक बाफना, रोहित बिरमेचा,साहिल बाफना सहित तप अनुमोदना के कार्य में लगे हुए हैं।

Categories:
error: Content is protected !!