सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मां करणी बीएड कॉलेज नाल बीकानेर में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, युवाओं ने जानी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएं

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बीकानेर। एमएसएमई माइक्रो ,स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज की ओर से मां करणी बीएड कॉलेज नाल बीकानेर में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया इस जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारियां दी गई। कार्यक्रम में असिस्टेंट डायरेक्टर एमएसएमई जयपुर तरुण भटनागर ने बताया कि MSME का प्रबंधन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा किया जाता है। MSME सेक्टर का भारत के सामाजिक – आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है, यही वजह है कि इसे भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्‌डी भी कहा जाता है। एमएसएमई में ही असिस्टेंट डायरेक्टर संजय मीणा ने भी विद्यार्थियों को एमएसएमई के अंतर्गत चलाए जा रही योजनाओं का ब्यौरा दिया। जबकि कार्यक्रम में उपस्थित नाबार्ड बीकानेर के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर रमेश तांबिया ने नाबार्ड की भूमिका के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और उससे होने वाले लाभों से अवगत कराया। उन्होंने बालिकाओं को बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय मौजूदा उद्यमों पे सहायता प्रदान करने और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने संबंधी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों और अन्य हितधारको के सहयोग से खादी ग्रामोद्योग और केयर उद्योग सहित MSME क्षेत्र की वृद्धि और विकास को बढ़ावा देकर एक जीवंत MSME क्षेत्र की कल्पना करता है। कार्यक्रम में सफल उद्यमी जगदीप ओबेरॉय ने उद्यम जगत के कई गुर साझा किए।जबकि लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर वाई एन व्यास ने बैंक की कार्यप्रणाली एवं उद्यम क्षेत्र में महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्र अध्यापिकाओं ने अपनी समस्याओं का समाधान भी प्राप्त किया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ मुदिता पोपली ने ऐसे कार्यक्रमों को महाविद्यालय के लिए उपलब्धि बताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं को जानकर विद्यार्थी लाभान्वित हो ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर करवाना महाविद्यालय का ध्येय है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय मैं बीएड तथा बीएसटीसी कोर्स चलायमान है तथा यहां की छात्राएं अकादमिक एवम शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में 2008 से अपना योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही यहां से शिक्षा प्राप्त बालिकाएं विभिन्न सरकारी पदों सहित प्राइवेट सेक्टर में भी कार्यरत है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से इस क्षेत्र में एमएसएमई किस प्रकार उनके लिए सहायक बन सकता है इसकी जानकारी उन्हें प्राप्त होगी।


कार्यक्रम में उपस्थित प्राचार्य डॉक्टर मुदिता पोपली तथा महाविद्यालय स्टाफ डॉ रितु श्रीमाली, राकेश व्यास, रेखा वर्मा, रेणुका आचार्य, पंकज आचार्य, सरिता पुरोहित, डॉ पूनम मिड्ढा, राकेश पुरोहित, नरेंद्र कुमार स्वामी, सुधीर सिंह चंदेल ने आगंतुकों का प्रतीक चिह्न देकर सम्मान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन बीएसटीसी छात्र अध्यापिका रक्षित लांबा ने किया जबकि गरिमा आचार्य, इशा रंगा, साक्षी रंगा, शालिनी महात्मा, ममता सुथार,अलका कडेला, कनुप्रिया, सोनम सोलेरा आदि ने सकारात्मक सहयोग दिया।

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