सेंट्रल जेल के कैदियों ने हेड कॉन्स्टेबल पर किया हमला:ब्लेड और सरिए से 20 से 25 बार वार किया, बीमार होने का बहाना था बहाना

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

सेंट्रल जेल के कैदियों ने हेड कॉन्स्टेबल पर किया हमला:ब्लेड और सरिए से 20 से 25 बार वार किया, बीमार होने का बहाना था बहाना

अजमेर

अजमेर सेंट्रल जेल में बंद दो कैदियों ने सोमवार दोपहर हेड कॉन्स्टेबल पर हमला कर दिया। बैरक में बंद कैदी ने बीमार होने का बहाना बनाकर हेड कॉन्स्टेबल को झांसे में लिया। हेड कॉन्स्टेबल के बैरक खोलते ही दोनों ने ब्लेड और सरिए से करीब 20 से 25 बार वार किया। हिप और कान के पीछे वार से जवान खून से लथपथ हो गया।

मामले की जानकारी पर जेल स्टाफ और अधिकारी पहुंचे और घायल को जेएलएन हॉस्पिटल लेकर गए। एडिशनल एसपी सिटी महमूद खान, हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ और सेंट्रल जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने हॉस्पिटल जाकर हेड कॉन्स्टेबल से मामले की जानकारी ली।

हेड कांस्टेबल राजेश कुमार जेएलएन हॉस्पिटल में उपचार जारी।

हेड कांस्टेबल राजेश कुमार जेएलएन हॉस्पिटल में उपचार जारी।

बीमार होने का बहाना लेकर चिल्लाया कैदी

जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने बताया कि बैरिक नंबर 9 में श्रवण सोनी (45) और फरदीन गांजा (25) नाम के कैदी बंद हैं। दोपहर में जेल में ड्यूटी पर हेड कॉन्स्टेबल राजेश (40) तैनात थे। कैदी श्रवण सोनी अचानक बीमार होने का बोलकर चिल्लाने लगा।

चिल्लाने की आवाज सुनकर ड्यूटी इंचार्ज राजेश पहुंचे और बैरिक खोला। बैरिक खोलते ही दूसरे कैदी फरदीन ने पीछे से पकड़ लिया। इसके बाद दोनों कैदियों ने मिलकर ब्लेड और नुकीले सरिए से हेड कॉन्स्टेबल पर वार कर दिया।

दोनों कैदी विभिन्न मामलों में जेल में बंद, हमले के बाद अधिकारी अस्पताल पहुंचे।

दोनों कैदी विभिन्न मामलों में जेल में बंद, हमले के बाद अधिकारी अस्पताल पहुंचे।

हेड कॉन्स्टेबल ने 20 से 25 बार किया वार

दोनों कैदियों ने करीब 20 से 25 बार हेड कॉन्स्टेबल के हिप और कान के नीचे वार किया। वह खून से लतपथ हो गए। कैदियों और उनके बीच झड़प हुई। जैसे-तैसे हेड कॉन्स्टेबल दोनों से खुद को छुड़वाकर बैरक से बाहर आए और कैदियों को बंद किया। घायल को जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।

दोनों कई मामलों में है दोषी

दोनों कैदी कई मामलों में दोषी होने पर जेल में बंद है। कैदी श्रवण पहले जयपुर जेल में बंद था। दो महीने पहले ही अजमेर सेंट्रल जेल में लाया गया था। वह पहले भी अजमेर जेल में बंद रहा था। वहीं फरदीन ने उदयपुर जेल में बंदियों पर हमला किया था। करीब 2 साल से करीब अजमेर जेल में बंद है।

कंस्ट्रक्शन साइट से सरिया चुराया

हमले के बाद सिविल लाइन थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह जाब्ते के साथ जेल पहुंचे और मौका मुआयना किया। मामले में एडिशनल एसपी महमूद खान ने कहा कि यह गंभीर घटना है। जेल के अंदर कंस्ट्रक्शन का चल रहा है।

इसका फायदा उठाकर दोनों कैदियों ने कंस्ट्रक्शन में उपयोग में आने वाले सामान सरिए को चुराकर रख लिया। कैदियों के दाढ़ी बनाने वाला ब्लेड भी था। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

Categories:
error: Content is protected !!