सेना में भर्ती के लिए युवाओं को मिलेगा सीधा अवसर,मोदी की युवाओं के लिए नई पहल,पढ़े ख़बर

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*सेना में भर्ती के लिए युवाओं को  मिलेगा सीधा अवसर, मोदी की युवाओं के लिए नई पहल, पढ़े ख़बर*
अग्निपथ स्कीम के तहत भारतीय सेना के तीनों अंगों में भर्तियों का नया पैमाना तय हो जाएगा। नई पद्धति के अनुसार, अब सिर्फ चार वर्ष के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी जिन्हें अग्निवीर कहा जाएगा। बताया जाा रहा है कि उनकी सैलरी 30 से 40 हजार रुपये होगी।

*REPORT BY SAHIL PATHAN*

नई दिल्ली : आजादी के बाद पहली बार भारतीय सेना में सैनिकों की भर्ती के तरीके में बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है। अब आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में सैनिकों की भर्ती सिर्फ चार साल के लिए होगी। इसमें छह महीने की ट्रेनिंग भी शामिल है जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया जाएगा। बाद में इनमें से अधिकतम 25 पर्सेंट को वापस सेना में बुलाया जाएगा जो फिर सेना में मौजूदा सैनिकों की तरह परमानेंट नौकरी करेंगे। चार-पांच दिनों में अग्निपथ स्कीम का ऐलान हो सकता है। पहले जानकारी मिली थी कि बुधवार को ही इसकी घोषणा हो जाएगी। केंद्र सरकार कैबिनेट मीटिंग में इसे अप्रूवल दे सकती है, जिसके बाद आर्मी चीफ, नेवी चीफ और एयरफोर्स चीफ मिलकर इस बारे में देश को बताएंगे।

*पहले साल आर्मी के लिए 40 हजार सैनिकों की भर्ती*
चार साल के लिए सैनिकों को सेना में रखने की स्कीम को अग्निपथ नाम दिया गया है और जो सैनिक इस स्कीम के तहत रिक्रूट होंगे उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस स्कीम के ऐलान के 3 से 6 महीने के भीतर रिक्रूटमेंट शुरू हो जाएगा। पहले साल आर्मी के लिए 40 हजार, नेवी के लिए 3 हजार और एयरफोर्स के लिए साढ़े तीन हजार सैनिक भर्ती किए जाएंगे। दूसरे साल भी इतने ही सैनिक रिक्रूट होंगे। तीसरे साल आर्मी के लिए 45 हजार, नेवी के लिए 3 हजार और एयरफोर्स के लिए 4400 सैनिक रिक्रूट किए जाएंगे। चौथे साल आर्मी के लिए 50 हजार, नेवी के लिए 3 हजार और एयरफोर्स के लिए 5300 सैनिक रिक्रूट होंगे।

*चार साल बाद क्या होगा*
अधिकतम 25 पर्सेंट सैनिकों को ही चार साल के अग्निपथ के बाद फिर से बुलाकर परमानेंट किया जाएगा। बाकी सैनिकों का क्या होगा? सूत्रों के मुताबिक अग्निवीरों के लिए सेवा निधि पैकेज का प्रावधान रखा गया है। अग्निवीरों की पहले महीने की सैलरी से ही 30 फीसदी रकम इस सेवा निधि में जमा होगी और उतनी ही रकम सरकार भी इस फंड में जमा करेगी। चार साल बाद जब अग्निवीर सेवामुक्त होगा तो उसे ये एकमुश्त करीब 10 – 12 लाख रुपये मिलेंगे। इस रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। उसे या तो एक बार में ही निकाला जा सकता है या फिर एक लाख रुपए निकाल कर बाकी रकम को बैंक से लोन लेने के लिए बैंक गारंटी के तौर पर रख सकता है।

*कितनी होगी सैलरी*
अग्निवीर की सैलरी 30 हजार रुपये से शुरू होकर 40 हजार रुपये तक होगी। उन्हें पेंशन या ईसीएचएस स्कीम का कोई फायदा नहीं मिलेगा। लेकिन चार साल में सेना अग्निवीरों को कोई डिप्लोमा या डिग्री कोर्स कराएगी ताकि सेना से निकलने के बाद ये उनके काम आ सके। साढ़े सत्रह से 21 साल के बीच के युवा इस स्कीम के तहत अग्निवीर बनेंगे।

*अगर ऑपरेशन के दौरान कुछ हो गया तो*
अग्निवीर की अगर ऑपरेशन के दौरान मौत हो जाती है तो परिवार को करीब 48 लाख रुपए इंश्योरेंस के मिलेंगे और उनकी जितने वक्त की सर्विस बची होगी उतने वक्त की सैलरी परिवार को मिल जाएगी। अगर कोई सैनिक विकलांग होता है और सेना में काम करने लायक नहीं रहता है तो उसे एक बार में एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलेगी और यह विकलांगता कितनी है, उस हिसाब से तय होगी।

*क्या उम्र में मिलेगी छूट*
सेना में पिछले दो साल से रिक्रूटमेंट नहीं हुआ है और भर्ती की तैयारी कर रहे युवा लगातार विरोध भी कर रहे हैं। अग्निपथ को लेकर कई सवाल हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि दो साल से तैयारी कर रहे युवाओं को क्या उम्र में छूट दी जाएगी? युवा अलग अलग मौके पर अपनी आवाज उठा चुके हैं। सरकार ने संसद में कहा था कि कोविड की वजह से रिक्रूटमेंट नहीं हो पाया, लेकिन यह सवाल अपनी जगह है कि जब राजनीतिक रैलियां हुई और विधानसभा चुनाव तक हो गए तो फिर रिक्रूटमेंट ही क्यों रोका गया। क्या सिर्फ अग्निपथ स्कीम लाने के लिए रिक्रूटमेंट रोका गया था?

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