‘सॉरी मम्मी- मैं आज रात फांसी लगाऊंगी, मिस यू’:सुसाइड नोट में लिखा- पापा होते तो मेरे पास भी साइकिल होती; पड़ोसी बोले- ये मर्डर
अपनी इच्छाओं के पूरा न होने से असहज और तनाव महसूस करते बच्चों में सुसाइड करने की प्रवृत्ति सभी की चिंता बढ़ा रही है। कभी एग्जाम में कम नंबर तो कभी गेम खेलने से रोके जाने पर फंदे पर झूलना या दूसरे तरीके से जिंदगी खत्म करना ट्रेंड बनता जा रहा है।
अब ऐसा ही कुछ भीलवाड़ा में सामने आया है। यहां एक बच्ची ने केवल इसलिए जान दे दी, क्योंकि उसके पास साइकिल नहीं थी। ये खुलासा हुआ बच्ची की मौत के चार दिन बाद मिले सुसाइड नोट से। हालांकि, इस मामले में पड़ोसियों और उसकी मां ने बच्ची की ही चाची पर मर्डर का शक जताया है।
दरअसल, भीलवाड़ा के बनेड़ा कस्बे की रहने वाली मैना (12) का शव 23 अगस्त को उसके कमरे में संदिग्ध परिस्थिति में मिला था। इसके बाद पुलिस सुसाइड मानकर मामले की जांच कर रही थी। बच्ची की मौत के बाद से गांव वालों में गुस्सा है और घटना के विरोध में वे दो बार कस्बा भी बंद करवा चुके हैं।

मैना को न्याय दिलवाने के लिए ग्रामीण थाने का घेराव करने के साथ लगातार पुलिस अधिकारियों से मिल रहे हैं।
सुसाइड नोट मिला
ग्रामीणों और मां लाली देवी के मर्डर का शक जताने के बाद पुलिस ने नया केस रजिस्टर्ड कर जांच शुरू की। इसके बाद 27 अगस्त को मैना के पढ़ने वाले कमरे और उसकी सामान की तलाशी के दौरान सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा है कि-
सॉरी मम्मी मैं आज रात 12 बजे पापा के पास जाउंगी। मेरी भी इच्छा है कि मेरी भी साइकिल हो। मेरे दोस्त कहते है तेरे पास साइकिल नहीं है। मेरे पापा होते तो मेरे साइकिल आ जाती। मैं रोज-रोज सब का मुंह देखती हूं। मैं आज रात फांसी लगाऊंगी। मिस यू मम्मी-भैया”।

बनेड़ा कस्बे में घटना के आठ दिन बीतने के बाद भी तनाव है। लोगों का कहना है यहां इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई है।
आठ दिन से जारी है विवाद
ग्रामीण केस को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए दो बार कस्बे को भी बंद कर चुके हैं। दरअसल, ग्रामीणों को शक है कि बच्ची की मौत की जिम्मेदार उसकी चाची है।
उनका कहना है कि, हादसे के समय घर में केवल मैना की चाची थी। उसकी मां लाली देवी खेत पर काम करने गई हुई थी। उसकी चाची ने ही पड़ोसियों को घर बुलाकर सुसाइड के बारे में बताया। पड़ोसी घर पहुंचे तो शव बैठी हुई सिचुएश्न में था, ऐसे में शक और गहरा गया है।

मैना अपनी मां की लाड़ली थी। मां को विश्वास नहीं है कि उनकी बेटी के साथ ऐसा भी कुछ हो सकता है। मां का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उसने बच्चों को अच्छे से ध्यान रखा था।
पड़ोसियों ने कहा-मर्डर है
मैना देवी के पड़ोसियों से बात कर मामले को समझने का प्रयास किया। मैना के घर के सामने रहने वाली नारायणी ने बताया कि हादसे के दिन मैना की चाची सोनिया ने मुझे आवाज लगाकर बाहर बुलाया था। उसने कहा कि, मैना ने फांसी लगा ली है। मैं उसके घर के अंदर कमरे में गई और पंखे की तरफ देखा, लेकिन मुझे मैना नजर नहीं आई।
उसके बाद चाची ने खिड़की की तरफ इशारा किया। पास जाकर देखा तो खिड़की के पास मैना का शव बैठी अवस्था में था। उसके गले में चुन्नी का एक फंदा अटका हुआ था। फंदा ऊपर खिड़की के दरवाजे से सिर्फ अटका हुआ था।
जिसे छूते ही वह नीचे गिर गया। नारायणी ने बताया कि, उसी वक्त शक हो गया था और मैंने चाची को कह भी दिया था कि, इस तरह से सुसाइड कैसे हो सकता है? फिर मैना की मां को सूचना दी थी।

मैना की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आठ दिन बीतने पर भी पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने 27 अगस्त और 30 अगस्त को कस्बे को बंद रखा था। उन्होंने थाने का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
मैना के पड़ोस में ही रहने वाले बाबूलाल तेली ने बताया कि मैना की चाची घटना वाले दिन जोर-जोर से चिल्ला रही थी। उनके घर जाकर कमरे में पहुंचा तो डर गया। एक बार तो शव देखकर कमरे से बाहर आ गया। सवाल ये है कि आंगन और खिड़की के बीच कैसे फांसी लग सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस ने जल्द ही कार्रवाई नहीं कि तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
मां बोलीं, बेटी ने कभी साइकिल का जिक्र नहीं किया
पड़ोसियों के बाद मैना की मां लाली देवी से बात की। मां ने बताया कि मैना उसकी छोटी बेटी थी और क्लास 6th में पढ़ती थी। 23 अगस्त को मैना के स्कूल से वापस लौटने के बाद वह खेत पर काम करने गई थी। बेटी की मौत की खबर पड़ोसियों से मिली।
मां ने कहा कि, मैना ने उससे कभी साइकिल का जिक्र नहीं किया था। लाली देवी ने बताया कि उसके पिता पिता कालू तेली की 6 महीने पहले 23 फरवरी को मौत हो गई थी।
मैना की मां का कहना है कि वह पहले दिन से ही मर्डर की बात कह रही है। मेरी बच्ची के हत्यारे जल्द से जल्द पकड़े जाएं, बस यही मेरी मांग है।
चाची पर शक का कारण
बच्ची की मां और पड़ोसियों ने हत्या का शक चाची सोनिया पर जताया है। मां का कहना है कि, सोनिया भी उनके घर में ही रहती है। मैना के पास वाला कमरा सोनिया का था। हत्या के दिन भी केवल सोनिया ही घर में थी।
- मैना की मां से आए दिन झगड़ा करती चाची
- बच्ची की मौत के बाद चाची ने अपना मोबाइल तालाब में फेंका
- मैना के शव की स्थिति
- घटना के समय चाची के अलावा घर में किसी का न होना
मैना के शव को सबसे पहले देखने वालों में पड़ोसी बाबूलाल का कहना है कि जल्द से जल्द बच्ची को न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि, पहले दिन से हत्या का संदेह जता रहे है। लेकिन, पुलिस ने अपनी कार्रवाई चार दिन बाद शुरू की और सुसाइड नोट होने की बात बताई। वहीं, आठ दिन बाद भी संदेह के घेरे में आई चाची से पूछताछ नहीं की। बच्ची के गले में जिस चुन्नी का फंदा है। वह भी अभी तक कमरे की खाट पर पड़ा है।
बनेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच हर फील्ड के एक्सपर्ट से कराई जा रही है। मामले को जल्द सुलझाने के प्रयास किए ज रहे हैं।
सुसाइड नोट हैंड राइटिंग जांच के लिए भेजा
बनेड़ा थाना प्रभारी राजेंद्र ताडा ने बताया कि मौत की सूचना शव को हॉस्पिटल लाने के बाद दी गई थी। मौके पर शव किस स्थिति में था। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया था। छात्रसंघ चुनाव के बाद चार दिन बाद मौके पर पहुंचे। कमरे की जांच में एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट हैंड राइटिंग जांच के लिए एक्सपर्ट को भेजा जाएगा।
ग्रामीणों के बयान लिए जा रहे है। चाची सोनिया से भी पूछताछ की जाएगी। मामले को सुसाइड मानकर जांच की जा रही थी, लेकिन अब आईपीसी की धारा 302 में दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की जांच एएसपी चंचल मिश्रा व मांडल सीओ सुरेंद्र कुमार द्वारा की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने मैना के पड़ोसियों व उसकी मां के बयान लिए है। साथ ही अब संदिग्धों से पूछताछ भी शुरू की है।













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