जयपुर में होटल की लिफ्ट में फंसे 10 परिजन:पहली मंजिल से बेसमेंट में गिरी, एक घंटे तक दहशत में महिलाओं-बच्चों की सांसें अटकी रहीं

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जयपुर में होटल की लिफ्ट में फंसे 10 परिजन:पहली मंजिल से बेसमेंट में गिरी, एक घंटे तक दहशत में महिलाओं-बच्चों की सांसें अटकी रहीं

जयपुर के एक फेमस होटल में भाई दूज मनाने गया परिवार करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा। महिलाओं-बच्चों सहित 10 परिजनों की दहशत में सांसें अटकी रहीं। अंदर फंसे लोग चीखते-चिल्लाते रहे, काफी देर तक अफरा-तफरा का माहौल बना रहा, लेकिन समय पर न तो पुलिस से मदद मिली, न ही होटल स्टाफ से।

हादसा शनिवार रात करीब 11 बजे का है, जब पहली मंजिल से लिफ्ट सीधे बेसमेंट में गिर गई। पीड़ित परिवार विद्याधर नगर का रहने वाला है। 10 अक्टूबर को उसने होटल जयपुर बाग के प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कराया तब पूरा मामला सामने आया।

दरअसल, फेमिली के लोगों के साथ प्रमोद अग्रवाल गांधी पथ स्थित होटल में पार्टी करने गए थे। उन्होंने चौथी मंजिल पर रूफ टॉप पर नाइट डिनर की बुकिंग करा रखी थी। सेलिब्रेशन खत्म होने के बाद कुछ लोग सीढ़ियों और 10 परिजन लिफ्ट से नीचे आने लगे। इसी बीच तीसरी और दूसरी मंजिल तक आने के बाद लिफ्ट अचानक नीचे आ गिरी।

लिफ्ट में फंसे लोगों ने आनन-फानन में वैशाली नगर थाना पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने करणी विहार इलाके का मामला बता कर फोन रख दिया। पीड़ितों ने पुलिस कंट्रोल पर भी जानकारी दी तब पुलिस और सिविल डिफेंस मौके पर आई। तब तक वे करीब एक घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे रहे। उनमें महिलाएं-बच्चे भी थे। दहशत और अंधेरे में उनकी हालत खराब हो गई।

पीड़ित के मुताबिक होटल स्टाफ भी इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं कर सका। वह भी अन्य लोगों की तरह मूकदर्शक बनकर वहां सहायता का इंतजार करने लगा।

करीब एक घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे लोगों के चेहरे पर खौफ देखा जा सकता है।

करीब एक घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे लोगों के चेहरे पर खौफ देखा जा सकता है।

सिविल डिफेंस ने किया रेस्क्यू
पुलिस कंट्रोल से सूचना मिलने पर सिविल डिफेंस टीम ने सवा घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट को ऊपर उठाया। तब लोगों की सांस में सांस लौटीं। इसके बाद पीडितों ने करणी विहार थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कराया। अग्रवाल ने अपनी शिकायत में होटल प्रबंध पर लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं कराने का आरोप लगाया है।

परिवार के साथ लिफ्ट में फंसे प्रमोद अग्रवाल मदद पहुंचने के इंतजार में।

परिवार के साथ लिफ्ट में फंसे प्रमोद अग्रवाल मदद पहुंचने के इंतजार में।

भाई पर बहनों ने भाई के लिए रखी थी पार्टी

प्रमोद ने बताया कि त्योहार पर बहनों ने पार्टी रखी थी। इसमें तीन परिवारों के लोग मौजूद थे। सभी रूफ टॉप पर पार्टी कर रहे थे। शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे बिल होने के बाद कुछ लोग सीढ़ियों से और करीब 10 लोग लिफ्ट से नीचे आ रहे थे। तभी अचानक लिफ्ट पहली मंजिल पर पहुंचते ही अनकंट्रोल होकर बेसमेंट के पिट में आकर गिरी।

लिफ्ट की क्षमता 13 लोगों की थी। कुल 10 लोग मौजूद थे। प्रमोद के पैर में रोड डली हुई है। घटना के दौरान लिफ्ट में जो झटका आया, उससे प्रमोद के पैर पर चोट लग गई। लिफ्ट से बाहर आने के दौरान भी 1 बच्चे और एक महिला को चोट लग गई।

फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। तब लिफ्ट में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया।

फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। तब लिफ्ट में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया।

उधर, एसीपी वैशाली नगर आलोक कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी हैं, लेकिन पीड़ितों की ओर से अंदरूनी चोट की बात कही गई हैं। मेडिकल कराया जाएगा, जिसके बाद जांच शुरू होगी। वहीं, होटल प्रबंधन का कहना है कि 15 दिन पहले ही लिफ्ट का मेंटेनेंस कराया था। सूचना पर सिविल डिफेंस की मदद से लिफ्ट को ब्रेक फ्री कर ऊपर खींच कर लोगों को बाहर निकाला था।

भाई दूज मनाने होटल पहुंचा था प्रमोद अग्रवाल का परिवार। घटना से पहले पहले की ग्रुप फोटो।

भाई दूज मनाने होटल पहुंचा था प्रमोद अग्रवाल का परिवार। घटना से पहले पहले की ग्रुप फोटो।

गांधी पथ स्थित जयपुर बाग होटल, जहां पहली मंजिल से नीचे आ गिरी लिफ्ट।

गांधी पथ स्थित जयपुर बाग होटल, जहां पहली मंजिल से नीचे आ गिरी लिफ्ट।

होटल के कॉरपोरेट जनरल मैनेजर लक्ष्य अग्रवाल ने बताया कि घटना के समय मौके पर मौजूद थे। लिफ्ट में लोगों की संख्या ज्यादा होने से सेफ्टी फीचर के चलते जाम हो गई थी। सभी व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल दिया गया था।

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