राज्य के 41% स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं, दो साल से पदोन्नति अटकी, लगातार बढ़ रही रिक्त पदों की संख्या

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राज्य के 41% स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं, दो साल से पदोन्नति अटकी, लगातार बढ़ रही रिक्त पदों की संख्या

बीकानेर

राज्य के 41 फीसदी सरकारी स्कूलों में वर्तमान में प्रिंसिपल के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके बावजूद इन पदों को भरने के लिए डीपीसी नहीं की जा रही है। पिछले दो साल से डीपीसी नहीं होने के कारण रिक्त पदों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। उधर, नाराज वॉइस प्रिंसिपल ने प्राचार्य डीपीसी 2023-24 संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार से शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरना लगा दिया है।

प्रदेशभर पहुंचे वाइस प्रिंसिपल ने बताया कि प्रधानाचार्य पदों को भरने के लिए शत प्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान है। विभाग में 7 हजार से अधिक पद रिक्त होने के बाद भी डीसी में विलंब किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक उप प्राचार्य से प्राचार्य पदों की पदोन्नति नहीं की जाती है यह धरना जारी रहेगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने बताया कि 24 मई 2024 को उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठता विवाद पर जो स्टे लगा हुआ है उसमें 5712 उप प्राचार्य को वरिष्ठ मानते हुए काउंसलिंग से पदस्थापन और आगामी पदोन्नति के लिए विभाग को स्वतंत्रता प्रदान की है। लेकिन शिक्षा विभाग पात्र वाइस प्रिंसिपल होने के बावजूद पदोन्नति में विलंब कर रहा है।

प्रिंसिपल के 17940 पद स्वीकृत, 7384 खाली

राज्य के उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रिंसिपलों के 17940 पद स्वीकृत है। जिसमें से 10586 पदों पर प्रिंसिपल कार्यरत है जबकि 7384 पद वर्तमान में रिक्त चल रहे हैं। प्रिंसिपल के पदों को सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान नहीं है। सभी पद पदोन्नति से ही भरे जाते हैं। पिछले दो साल से डीपीसी नहीं होने के कारण वर्तमान में कार्यरत प्रिंसिपलों के सेवानिवृत होने से रिक्त पदों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

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