जयपुर में श्री सिद्धा महिला समूह द्वारा धूमधाम से लहरिया उत्सव का आयोजन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

जयपुर में श्री सिद्धा महिला समूह द्वारा धूमधाम से लहरिया उत्सव का आयोजन

https://twitter.com/TIN_NETWORK_/status/1822605789770469578?t=vbNfIAZZdROI5QRY2KJQEA&s=19

जयपुर, 11 अगस्त 2024: जयपुर में स्थित श्री सिद्धा महिला समूह ने रंग-बिरंगे लहरिया प्रिंट और उत्साह के साथ लहरिया उत्सव का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर समूह की महिलाओं ने पारंपरिक भारतीय परिधानों में केट वॉक का आयोजन किया, जो देखने में अत्यंत आकर्षक और मनमोहक था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दिशा और संजना द्वारा सभी उपस्थित महिलाओं को तिलक लगाकर किया गया। इस पवित्र शुरुआत के बाद, समूह की कॉर्डिनेटर डॉ. राकेश कालरा और सह-कॉर्डिनेटर डॉ. दिव्या वालिया ने सभा को संबोधित करते हुए समाज में सेवाकार्यों के सकारात्मक परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि महिला समूह की सेवाओं से समाज में कैसे सुधार हो रहा है और विभिन्न सामाजिक पहलुओं पर उनके योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान दुर्गेश चतुर्वेदी ने मंत्रमुग्ध कर देने वाली ईश्वर वंदना गाई, जो सभी के मन को छू गई। इसके बाद, सभी ने दोस्ती पर आनंददायी और मजेदार शायरी का आनंद लिया, जो डॉ. कालरा ने प्रस्तुत की। इस दौरान, डॉ. दिव्या ने सावन की थीम पर आधारित तंबोला खेलाया, जिससे सभी की भागीदारी और उत्साह दोगुना हो गया।

संगीत और नृत्य का समागम भी इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। सभी ने सामूहिक नृत्य किया और चटपटे स्नैक्स का आनंद लिया। कार्यक्रम की खासियत रही कैटवाक प्रतियोगिता, जिसका निर्णय चित्रा जांगिड और सुदेश जौली द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में सर्वोत्तम वॉक और ड्रेस के विजेताओं को सम्मानित करते हुए कॉर्डिनेटर ने उन्हें टीआरा पहनाया। चित्रा जांगिड की सुंदर नृत्य प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस उत्सव में श्वेता, प्रिया, माला, नेहा, और सरोज ने सक्रिय भागीदारी की और उत्सव को सफल बनाने में योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट नाश्ते और आइसक्रीम के साथ हुआ, जिसने सभी का मन प्रसन्न कर दिया।

श्री सिद्धा महिला समूह का यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देते हैं।

Categories:
error: Content is protected !!