बीकानेर में सड़क हादसा: लोक परिवहन बस ट्रेलर से टकराई, एक महिला की मौत, 12 घायल
बीकानेर, 16 मार्च। रविवार दोपहर 3:30 बजे बीकानेर-श्रीडूंगरगढ़ मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब सालासर-बीकानेर रूट की लोक परिवहन बस बीकानेर की ओर जा रही थी और रायसर गांव के पास अपने आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से जा टकराई।
घटना का विवरण
घटना नेशनल हाईवे पर हुई, जहां तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर ट्रेलर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में सवार यात्री उछलकर एक-दूसरे पर गिर पड़े और कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर की गति धीमी थी, लेकिन बस चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक में पीछे से जा घुसा।
दुर्घटना में घायल होने वालों में पूनम (32), राकेश (30), हिमांशी (3), भीमसिंह (32), बिरमा देवी (60), भूमिका (4), लक्ष्मीदेवी (50), सुशीला (50), पूनम (40), नैतिक (2), नरेश (30), इब्राहिम (32), शिव करण (35), दिनेश (43), जगदीश (24), महावीर (23), अंकिता आदि शामिल हैं। वहीं, एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
108 एम्बुलेंस और स्थानीय लोग बने संकटमोचक
घटना की सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ से 108 एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। 108 एम्बुलेंस के कर्मी नरेश महला पहले से ही श्रीडूंगरगढ़ से एक मरीज को लेकर बीकानेर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में दुर्घटना होते ही उन्होंने तत्काल सहायता दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
इसके अलावा, श्रीडूंगरगढ़ के तुलसी मेडिकल अस्पताल की एम्बुलेंस, जो बीकानेर से लौट रही थी, उसने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की। श्रीडूंगरगढ़ आपणो गांव सेवा समिति के सेवादार श्याम सैन ने भी ट्रोमा सेंटर को हादसे की जानकारी देकर उपचार की अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित कीं।
पुलिस और टोल कंपनी की टीम मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही नापासर पुलिस और टोल कंपनी की एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रेलर को सड़क से हटाकर यातायात सुचारु करवाने का कार्य किया।
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बस चालक की तेज गति और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्री दहशत में आ गए और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद की।
घायलों का इलाज जारी, स्थिति गंभीर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज ट्रोमा सेंटर में चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ यात्रियों को गहरी चोटें आई हैं, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचाने से उनकी जान बचाई जा सकी।
स्थानीय प्रशासन की अपील
इस दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और वाहन चालकों से सतर्कता बरतने की अपील की है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
बीकानेर-श्रीडूंगरगढ़ हाईवे पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने फिर एक बार सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जरूरत इस बात की है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और चालकों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।





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