Some Of My Projects

Design of a mobile app develops

AI Based Social Networks

NFT Buy and Sell Platform

Web Traffic Management

संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण के लिए बीकानेर में “संरक्षणम” कार्यशाला का आयोजन

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

बीकानेर: बीकानेर के रामपुरिया मोहल्ला स्थित तुलसी साधना केंद्र में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में बीकानेर महिला मंडल द्वारा “संरक्षणम” कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को संस्कृति, संस्कार, संबंधों की मजबूती और समाज में उनकी भूमिका को समझाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी श्री जी द्वारा नमस्कार महामंत्र के पाठ से हुई। इसके बाद अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल (अ.भा.ते.म.म.) की अध्यक्षा श्रीमती सरिता डागा ने “संरक्षणम” कार्यशाला के प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण किया। स्वागत गीत के माध्यम से बीकानेर महिला मंडल की बहनों ने अतिथियों का स्वागत किया।

सभा में तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती दीपिका बोथरा ने सभी उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और सभा के अध्यक्ष श्री सुरपत बोथरा ने अपने विचार रखते हुए महिलाओं की समाज में भूमिका और उनके योगदान की प्रशंसा की। श्रीमती मंजू भूतोडिया ने साध्वी प्रमुखा श्री विश्रुत विभा जी का संदेश सभी को सुनाया।

बीकानेर की क्षेत्रीय प्रभारी श्रीमती ममता रांका ने “संरक्षणम” विषय पर विचार प्रस्तुत किए और बताया कि यह कार्यशाला समाज में संस्कारों और संस्कृति को जीवित रखने के लिए अति आवश्यक है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और इस कार्यशाला के उद्देश्य को सार्थक बताया।

बीकानेर की महापौर श्रीमती सुशीला कंवर ने कहा कि समाज में धरोहरों को संजोने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसी विचारशील और जागरूक महिलाओं का होना हमारे समाज के लिए गर्व की बात है।

साध्वी गुरु यशा जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आजकल परिवारों में जो रिश्तों में टूटन आ रही है, उसे समझदारी और परिपक्वता के साथ सुलझाने की आवश्यकता है। श्रमणी कुसुम प्रज्ञा जी ने कहा कि महिलाएं ऐसी शक्ति हैं, जो परिवार और समाज को संस्कारों की जड़ से जोड़ती हैं।

कार्यशाला के दूसरे चरण में लूणकरणसर, नोखा, भीनासर, देशनोक, उदासर, कालू, और गंगाशहर से आईं महिलाओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से संरक्षणम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। विभिन्न रोमांचक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं ने समाज में अपने कर्तव्यों को समझने और निभाने का संकल्प लिया।

अखिल भारतीय महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सरिता डागा ने महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को तर्कपूर्ण संवाद के माध्यम से ही समझाया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर अ.भा.ते.म.म. मंत्री श्रीमती रेणु बोथरा ने आभार ज्ञापन किया और कुशल संचालन भी किया।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!