साहित्य और शिक्षा के समन्वय से समृद्ध होगा बीकानेर का बौद्धिक परिवेश
बीकानेर, 1 अक्टूबर।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बीकानेर एवं भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. नरसी राम विश्नोई का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के केंद्रीय लोक साहित्य प्रमुख एवं राजकीय डूंगर महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अन्नाराम शर्मा ने बीकानेर की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीकानेर की साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है तथा इसे व्यापक स्तर पर सामने लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विमर्श केंद्र की गतिविधियों की जानकारी देते हुए उसके उद्देश्यों एवं आगामी कार्यक्रमों से भी अवगत कराया।
भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़े डॉ. रमेश पुरी ने मंडल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, संस्कृति एवं समाज से जुड़े विषयों पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता व्यक्त की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के मध्य समन्वय तथा शैक्षिक एवं साहित्यिक गतिविधियों को गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में डॉ. निर्मल रांकावत, डॉ शिवराज भारतीय ,डॉ. शशिकांत आचार्य, डॉ. श्रीनिवास शर्मा, डॉ. मूलचंद बोहरा, मोनिका गौड़, विष्णुदत्त जोशी सहित अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़े अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








