
बीकानेर, 09 फ़रवरी, बीकानेर महानगर के बालाजी मंदिर, तिलक नगर परिसर में हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह सम्मेलन जोधपुर प्रान्त के निर्देशन में, बीकानेर विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः महिलाओं द्वारा निकाली गई पारंपरिक कलश यात्रा से हुआ, जो की कलश यात्रा श्री वरद हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्गों से होती हुई बालाजी मंदिर, तिलक नगर पहुँची। इस अवसर पर मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। सामूहिक पाठ के दौरान अनुशासन, श्रद्धा एवं एकात्मता का भाव स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हुआ।कार्यक्रम में पुरुष 325, महिलाएँ 490, इस प्रकार कुल 815 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवाओं एवं बालिकाओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के महानगर प्रचारक चंपेश जी ने उद्बोधन में उपंच परिवर्तन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में संगठित हिन्दू समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब समाज अनुशासन, संस्कार और संगठन के भाव से कार्य करता है, तभी सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। उन्होंने युवाओं एवं मातृशक्ति से पंच परिवर्तन को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।रामेश्वरा नंद जी महाराज ने धर्म, संस्कार एवं जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, त्याग और संयम पर आधारित है। ओमकार सिंह जी राजियासर ने सामाजिक एकता एवं राष्ट्रहित में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कल्पना शेखावत ने मातृशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कारों की प्रथम पाठशाला परिवार है, जिसमें महिलाओं की भूमिका निर्णायक होती है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी समां बाँधा। सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यह हिन्दू सम्मेलन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प का सशक्त उदाहरण बना।

















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