आज शिव नगर, जयनारायण व्यास कॉलोनी में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने हिन्दू समाज की एकता, पारिवारिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
भारत विकास परिषद की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती रितु मित्तल ने हिन्दू समाज में महिलाओं की भूमिका एवं सहभागिता पर प्रकाश डालते हुए समाज की एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समाज सशक्त बन सकता है।
गुरुद्वारा सादुल कॉलोनी के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी तारा सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबंधन पर सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने कहा कि परिवार में जैसा आचरण बड़े करते हैं, वैसा ही बच्चे सीखते हैं। यदि परिवार में एकता और प्रेम का वातावरण चाहिए तो इसकी शुरुआत स्वयं से करनी होगी। गुरुवाणी में भी पारिवारिक भाईचारे और सद्भाव पर बार-बार बल दिया गया है।
भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल महावीर सिंह जी ने देश के प्रति निष्ठा को अक्षुण्ण बनाए रखने पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिन्दू समाज से आपसी भेदभाव त्यागकर एकजुट होने की अपील की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह कार्यवाह धन्नाराम जी भदरू ने स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी के संघर्षों का उल्लेख करते हुए हिन्दू समाज में अनुशासन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री लालेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानंद जी ने हिन्दू समाज को जाति और पंथ के भेद से ऊपर उठकर एक होने का संदेश दिया। संत रविदास जी की जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने ईश्वर भक्ति के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि यदि समाज देशप्रेम और अनुशासन के पथ पर चले तो धर्म और राष्ट्र, दोनों का उत्थान संभव है।
कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से स्वच्छता और सिविक सेंस का प्रभावी संदेश दिया।
अंत में कार्यक्रम के संयोजक श्री रितेश अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेन्द्र राठी एवं सुरेन्द्र तुलसानी ने किया।















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