अखिल भारतीय अनुराग साहित्य अलंकरण समारोह सम्पन्न: साहित्यकार रवि पुरोहित को राज्यपाल ने किया सम्मानित

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अखिल भारतीय अनुराग साहित्य अलंकरण समारोह सम्पन्न
साहित्यकार रवि पुरोहित को राज्यपाल ने किया सम्मानित

नव साहित्य-सृजन और संस्कृति को नई दृष्टि देना साहित्यकार का नैतिक दायित्व-हरिभाऊ बागड़े

बीकानेर।
पीएमश्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लालसोट में आयोजित अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि अच्छा साहित्य समाज में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाता है और विद्रूपताओं को मिटाता है। साहित्य को समाज का दर्पण कहा गया है, जो समाज को नई दिशा एवं सोच देता है। यह समाज को सोचने पर मजबूर करता है। उन्होंने साहित्य के भाव को स्पष्ट करते हुए कहा कि साहित्य में सबका हित निहित होता है। इसका मूल तत्व सबका हित साधना है। उन्होंने कबीर एवं रहीम के साहित्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से समाज सुधारने का संदेश दिया, जो रूढ़ियों एवं बुराइयों का प्रतिकार करता है। उन्होंने मैथिली शरण गुप्त एवं वाल्मीकि की ओर से साहित्य के माध्यम से समाज को दिए योगदान का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले विदेशियों ने हमारे देश का काफी झूठा इतिहास भी लिखा है, जिसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने इसे आधुनिक साहित्यकारों की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आप ऐसे विकृत इतिहास को खोजें और सुधारें। उन्होंने कहा कि साहित्यकार का नैतिक दायित्व है कि वह नया साहित्य और नई संस्कृति की दृष्टि दें।

इससे पूर्व राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े एवं अन्य अतिथियों ने अनुराग सेवा संस्थान के 31 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अखिल भारतीय अनुराग साहित्य अलंकरण समारोह में बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को उनकी काव्य कृति आग अभी शेष है के लिए शकुंतला देवी रावत स्मृति अनुराग साहित्य सम्मान सहित विभिन्न राज्यों से चयनित 31 साहित्यकारों को शॉल, सम्मान -पत्र, स्मृति चिह्न एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर रवि पुरोहित ने कहा कि पुरस्कार व सम्मान साहित्यकार की सामाजिक जिम्मेदारी का विस्तार करते हैं। साहित्य मनुष्य को केवल मनोरंजन नहीं देता, यह मानसिक व बौद्धिक विकास का सूत्र बीज और विद्रूप के प्रतिकार हेतु चेतना का अमोघ अस्त्र सौंपता है।
संवेदना का विकास नव समाज के निर्माण में साहित्य की सबसे बड़ी देन है। इसलिए साहित्य वह शिल्पकार है, जो अतीत से संवाद करता है, वर्तमान की सच्चाइयों को उजागर करता है और भविष्य की दिशा सुझाता है।
सम्मान समारोह में लालसोट नगर परिषद सभापति पिंकी चतुर्वेदी, विधायक रामविलास मीणा सहित
प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, साहित्यकार एवं हजारों नगरवासी उपस्थित थे।

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