
बीकानेर (सुजानदेसर): बाबा रामदेव बस्ती, सुजानदेसर में आज “विराट हिंदू सम्मेलन” का आयोजन अत्यंत भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और संतों के आशीर्वचनों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की झलक:
कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना और भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्र और सनातन संस्कृति को समर्पित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को धर्ममय बना दिया। इस भव्य आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भारी संख्या में भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति उत्साह दिखाया।
संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव: शंकर लाल जी
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय गौ सेवा गतिविधि संरक्षक, श्री मान शंकर लाल जी भाई साहब ने अपने ओजस्वी संबोधन में संघ की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव होता है। संघ पिछले सौ वर्षों से समाज को एकसूत्र में बांधने और राष्ट्र प्रथम की भावना जागृत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।”
संतों का आशीर्वाद:
मंच पर उपस्थित संतों के सान्निध्य ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने अपने आशीर्वाद वचनों में कहा कि संस्कृति, सेवा और संगठन के माध्यम से ही समाज का वास्तविक कल्याण संभव है। उनके वचनों ने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर संत श्री सुरजनाथ जी महाराज और संत श्री श्रवण दास जी महाराज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
सम्मेलन से पूर्व भव्य शोभायात्रा भारत माता की सजीव झांकी के साथ सम्मेलन स्थल पर पहुंची।
शताब्दी वर्ष का संकल्प:
कार्यक्रम के अध्यक्ष झंवर लाल गहलोत ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बाबा रामदेव बस्ती सुजानदेसर में इस सम्मेलन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को राष्ट्र सेवा के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया है। अंत में उपस्थित अतिथियों और संतों का सम्मान किया गया।













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