
बीकानेर महानगर में कल कई जगह हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ जिनमें बीकानेर की जनता का खूब उत्साह दिखा । संघ के शताब्दी वर्ष में विभिन्न नगर में बस्ती स्तर पर हिंदू सम्मेलन हुए जिनमें सर्व हिन्दू समाज ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया ।
खेतेश्वर बस्ती गंगाशहर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत भव्य अनुशासित और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह तथा संतों के आशीर्वाद वचनों ने उपस्थित जन समूह को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना तथा भारत माता के दीप प्रज्वलन के साथ हुई ।इसके पश्चात राष्ट्र और सनातन संस्कृति को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को धर्ममय बना दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अखिलानंद जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में संघ की विचारधारा ,राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया तथा समाज को एक सूत्र में बांधने के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुरली मनोहर धोरा से पधारे पूज्य श्याम सुंदर जी महाराज ने अपने आशीर्वाद वचनों में कहा की संस्कृति सेवा और संगठन से ही समाज का कल्याण संभव है।
वहीं शिव नगर स्थित आदर्श बस्ती में विराट हिन्दू सम्मेलन भव्य, अनुशासित और संदेशपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन में मुख्य अतिथि महाराज विश्ववर्मानंद जी,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जोधपुर प्रांत इकाई के सह कार्यवाह श्री धन्नाराम ,विशिष्ट अतिथि महावीर सिंह जी, ग्रंथी तारा सिंह जी, शिवनगर संघचालक डॉ राजेन्द्र , संयोजक रितेश अरोड़ा और बहन ऋतु मित्तल मंचासीन रहे।
सांस्कृतिक सत्र में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर भावपूर्ण नृत्य और सामूहिक गायन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
अतिथि ग्रंथी तारा सिंह जी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन बच्चों के लिए अत्यधिक हानिकारक साबित हो रहा है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और उन्हें खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और शारीरिक अभ्यासों में अधिक से अधिक लगाएं, ताकि बच्चों का शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास सही दिशा में हो सके।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री धन्नाराम ने संत रविदास जी को नमन करते हुए उनके प्रेरक प्रसंग बताये व साथ ही आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर हिंदू समाज को संगठित करने व मानव कल्याण के लिए पंच परिवर्तन से अवगत कराया ।
मुख्य अतिथि महाराज विश्ववर्मानंद जी ने भी बच्चों के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संस्कार, समरसता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं। मंचासीन अन्य अतिथियों ने भी आयोजन की सराहना की।
शिवबाड़ी स्थित नीलकंठ मैरिज गार्डन में आयोजित हिंदू सम्मेलन एवं महाआरती में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
सम्मेलन के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के द्वादश (भक्ति योग) एवं पंचदश (पुरुषोत्तम योग) अध्यायों का विधिवत गीता पाठ किया गया। गीता पाठ के माध्यम से भक्ति, कर्तव्य और परम सत्य के दिव्य संदेश का प्रसार हुआ, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकार्यवाह लिखमाराम जी ने कहा कि गीता का ज्ञान आज के समाज को कर्तव्यनिष्ठ, संस्कारित एवं राष्ट्रसेवक बनाने की दिशा देता है। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित होकर सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया।
मुख्य महिला वक्ता सविता अग्रवाल, प्राचार्य ने मातृशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी शक्ति ही परिवार, समाज और राष्ट्र के संस्कारों की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
सम्मेलन के अंत में श्रीराम की भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजक समिति ने सभी आगंतुकों, वक्ताओं एवं मातृशक्ति का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।















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