
बीकानेर, 21 जुलाई।श्रावण मास के पावन अवसर पर धर्म और श्रद्धा का अद्भुत संगम बीकानेर के संसोलव तालाब स्थित काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में देखने को मिला। सोमवार को श्रावण के दूसरे विशेष दिन पर यहां भगवान शिव का अभिषेक 51 किलो दही से किया गया। समूचा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा और आस्था की गंगा में भक्तजन गोते लगाते दिखे।
श्रावण मास में प्रतिवर्ष होने वाले विशिष्ट रुद्राभिषेक कार्यक्रम की यह एक कड़ी थी। हर सोमवार को अलग-अलग पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया जा रहा है। पहले सोमवार को दूध से रुद्राभिषेक किया गया था, वहीं आज दूसरे सोमवार को दही से भगवान शिव का भव्य पूजन हुआ। यह रुद्राभिषेक न केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वाहन है, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है।
पूरे कार्यक्रम का आयोजन श्याम जी पहलवान, हर्षा महाराज, मुख्य पुजारी मुन्ना महाराज, कृष्ण छंगाणी, शिवजी छंगाणी, दुर्गाशंकर, पार्षद दुलीचंद सेवग और मनोहर सोनी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। इन सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों ने पूरे विधि-विधान से रुद्राभिषेक की प्रक्रिया संपन्न करवाई।
अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में विशेष साफ-सफाई, भजन-कीर्तन और शृंगारित दर्शन की भी व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में भक्तजन, माताएँ और बहनें पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और पूजा अर्चना में भाग लिया। शिव भक्ति में रमे इन श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
शिव महिमा के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बीकानेर में श्रावण मास न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि सामाजिक समरसता और अध्यात्मिक ऊर्जा का भी सशक्त माध्यम है। काशी विश्वनाथ मंदिर में आगामी सोमवारों को भी इसी प्रकार विशिष्ट रुद्राभिषेक की योजना है, जिसमें श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि महादेव की भक्ति का रंग इस बार विशेष रूप से चढ़ा है।












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