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बैंक कर्मियों की एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल

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बीकानेर।यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज देश भर के बैंक कर्मी 5 दिवसीय सप्ताह लागू करने की मांग पर हड़ताल पर रहे।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन व वित्त सचिव, भारतीय बैंक संघ, के मध्य 22 व 23 जनवरी 26 को श्रम आयुक्त कार्यालय, दिल्ली ने पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करने के लिए यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस 27 जनवरी की हड़ताल को वापस लेने की मध्यस्थता की लेकिन डी एफ एस की हठधर्मिता के कारण बैठक बिना निर्णय के विफल होने से बैंक कर्मियो के पास हड़ताल करने के अलावा विकल्प नहीं रहा, बैंक कर्मियों को मजबूरन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया । 24 व 25 मार्च को पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करवाने का हड़ताल का नोटिस दिया गया था। श्रम आयुक्त की मध्यस्थता के चलते यू एफ बी यू को दो दिवसीय हड़ताल को स्थगित करना पड़ा । लम्बे अंतराल पर भी मांग नहीं माने जाने पर उप संयोजक रामदेव राठौड़, मुकेश शर्मा, रूपेश शर्मा , विक्रम पुंनिया
ने जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में विगत 10 वर्षों से लंबित 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग तथा 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों के साथ इस मांग पर सहमति होने के बावजूद भारत सरकार द्वारा अब तक इसे लागू नहीं किए जाने के विरोध में, अखिल भारतीय स्तर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया ।
इस हड़ताल के क्रम में बीकानेर जिले की 250 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में पूर्ण रूप से कार्य ठप रहा। हड़ताल के कारण जिले भर में नकद लेन-देन, अंतरण एवं समाशोधन के माध्यम से लगभग ₹ 3500 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ । हड़ताल में निजी बैंक, ग्रामीण, सार्वजनिक क्षेत्र के आठ लाख से अधिक बैंक कर्मियों हड़ताल रख मांग रखी ।
यूएफबीयू की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक पार्क शाखा बीकानेर के बाहर प्रदर्शन आयोजित किया गया, पदरैली में जबरदस्त नारेबाजी करते हुए, जिला कलेक्टर कर्मचारी मैदान में सभा आयोजित की गई,जिसमें जिले भर से आए सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार के विरुद्ध पांच दिवसीय सप्ताह लागू ना करने के लिए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
यू एफ बी यू के विभिन्न घटक दलों के वक्ताओं आकांक्षा निधि अक्षय मनोज रमन करन हर्ष रमाकांत श्याम सुंदर इंद्रजीत राजेंद्र चौधरी राकेश ओला रजनीश सुनील कुमार आनंद ज्यानी जय शंकर जे पी आर वर्मा गुल्लू आदि ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार के स्वयं के कार्यालयों, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), बीमा क्षेत्र, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), नाबार्ड सहित अनेक संस्थानों में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में इसे लागू न करना वित्त मंत्रालय एवं आईबीए की हठधर्मिता को दर्शाता है, जिसके लिए सरकार पूर्णतः जिम्मेदार है।जबकि वर्क लाइफ बैलेंस सिद्धांत की वकालत करने वाली सरकार स्वयं ही बैंक कर्मियों की इस दिशा में जायज मांग नहीं मान रही है।
इस आंदोलन में कई सेवा निवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में नारे लगाकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया ।
यूएफबीयू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।आज के प्रदर्शन में अशोक, के के पारीक, के के दागा, आशीष, दीपक, नवनीत, अमरजीत,अम्बर, नरेंद्र भीखाराम दयाशंकर किशन नरेंद्र इंदा महेंद्र सुरेंद्र कृपा शंकर, शशांक, योगेश, राजेंद्र, सुभाष, छोटू लाल, गोपाल स्वामी, इमरान आदि ने भाग लिया
— यूएफबीयू, बीकानेर इकाई

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