बीकानेर बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं में शिक्षा, संस्कार, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष 2025 से बीकानेर में आरंभ हुई ‘प्रयत्न स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ संस्था इस वर्ष भी गुरुग्राम से बीकानेर तक की अपनी सांस्कृतिक यात्रा पर निकली हुई है।
“सांस्कृतिक यात्रा 2026” में इस बार
प्रयत्न संस्था की नाट्य शाला ग्रुप “महाराणा प्रताप भारत का गौरव” और स्वराज नामक दो ऐतिहासिक मर्मस्पर्शी रोमांचकारी नाटकों का मंचन विभिन्न स्कूलों संस्थाओं के साथ कर रही है
यह यात्रा 11 अगस्त से शुरू हुई और आज 17 अगस्त को अपना समापन कर रही है।
प्रयत्न का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, संस्कार, देशभक्ति और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है। संस्था द्वारा बच्चों को योग एवं प्राणायाम, मंत्रोच्चारण, कंप्यूटर प्रशिक्षण तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक एवं आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है।
संस्था के संस्थापक श्री प्रनीत सुशील की देखरेख एवं मार्गदर्शन में इस सांस्कृतिक यात्रा का हर साल संचालन किया जाता है। उनके निर्देशन में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री प्रणीत सुशील द्वारा लिखित एवं निर्देशित इन ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी नाटकों के मंचन के माध्यम से जनजागरण और देशभक्ति की भावना का प्रसार भी किया जा रहा है। इन सात दिनों की बीकानेर यात्रा में माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, महिला मंडल, ग्रीनफील्ड हाई स्कूल, हल्दीराम राजकीय विद्यालय सूरसागर के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के स्कूलों अंबासर ग्राम और नौरंगदेसर ग्राम के विद्यालय प्रमुख थे। इन सभी स्कूलों में इन नाटकों का मंचन हजारों छात्रों के समक्ष किया गया जिसे सभी स्कूलों ने अत्यंत प्रसन्नता और जोश के साथ इनका भरपूर आनंद उठाया।
‘स्वराज्य’, महाराणा प्रताप और सम्राट अशोक महान जैसे ऐतिहासिक विषयों पर आधारित नाटकों के माध्यम से बच्चों को देश के गौरवशाली इतिहास, वीरता, त्याग और राष्ट्रप्रेम से परिचित कराया जा रहा है।
संस्था से जुड़े एक बच्चे को प्रशिक्षण देकर सिविल इंजीनियर के रूप में आत्मनिर्भर बनाने में भी सहयोग किया गया। इतना ही नहीं, उसके विवाह में भी संस्था की ओर से सहयोग किया गया। आज वही युवा देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर वीर योद्धाओं की गौरवगाथाओं को नाटक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। वह महाराणा प्रताप और सम्राट अशोक जैसे महान योद्धाओं के जीवन एवं शौर्य से समाज को प्रेरणा देने का प्रयास कर रहा है।
इसी क्रम में पिछले सात दिनों से बीकानेर में कुल 15 नाटकों का मंचन किया जा चुका है। रविवार को लालेश्वर महादेव मंदिर, शिवबाड़ी बीकानेर में ऐतिहासिक नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने वीरता, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर लालेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश श्री विमर्शानंद जी ने बच्चों को आशीर्वाद प्रदान किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के बच्चों को महाराणा प्रताप और सम्राट अशोक जैसे महान योद्धाओं के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। ऐसे ऐतिहासिक प्रसंग और वीर गाथाएं बच्चों के भीतर नए जोश, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और संस्कारों का संचार करती हैं।
कार्यक्रम में बच्चों को नाटक एवं विभिन्न गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन देने वाली डॉ. सोनाली सक्सेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने ऐतिहासिक पात्रों और घटनाओं को मंच पर जीवंत करते हुए दर्शकों को देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया।प्रयत्न स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का यह प्रयास शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति, तकनीकी ज्ञान और राष्ट्रभक्ति को जोड़कर बच्चों को आत्मनिर्भर, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आ रहा है।

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