महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्य न्यायाधिपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन, न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने की उठाई मांग
बीकानेर, 17 जुलाई। बीकानेर संभाग में राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ की स्थापना की दीर्घकालीन मांग को पुनः मुखर करते हुए बार एसोसिएशन, बीकानेर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज महामहिम राज्यपाल, राजस्थान के नाम जिला कलेक्टर, बीकानेर के माध्यम से तथा माननीय मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के नाम माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बीकानेर के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किए। ज्ञापनों में बीकानेर संभाग में स्थायी खंडपीठ की स्थापना के ऐतिहासिक, भौगोलिक, न्यायिक एवं संवैधानिक आधारों का विस्तृत उल्लेख करते हुए शीघ्र निर्णय की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि बीकानेर रियासत में वर्ष 1922 से 1949 तक उच्च न्यायालय कार्यरत रहा था तथा उसका भवन आज भी उपलब्ध है। वर्तमान में बीकानेर संभाग के लाखों नागरिकों को उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्त करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय, धन एवं संसाधनों का अत्यधिक व्यय होता है। साथ ही, राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में लंबित बड़ी संख्या में प्रकरण बीकानेर संभाग से संबंधित होने के बावजूद यहां स्थायी खंडपीठ का अभाव न्याय तक समान पहुँच की अवधारणा के विपरीत है।
बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने कहा कि बीकानेर में उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ की स्थापना किसी एक वर्ग की मांग नहीं, बल्कि सम्पूर्ण बीकानेर संभाग की जनता के संवैधानिक अधिकार और न्याय तक सहज पहुँच का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन कई वर्षों से प्रत्येक माह की 17 तारीख को इस जनहितकारी मांग के समर्थन में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन कर रही है तथा आज प्रस्तुत किया गया ज्ञापन इस सतत अभियान की अगली कड़ी है।
पुरोहित ने कहा कि बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं चूरू सहित सम्पूर्ण संभाग के लाखों नागरिकों को न्याय प्राप्त करने के लिए अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ती है। यदि बीकानेर में स्थायी खंडपीठ स्थापित होती है तो न्यायिक व्यवस्था अधिक सुलभ, प्रभावी एवं समयबद्ध बनेगी तथा आमजन को वास्तविक अर्थों में न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय एवं महामहिम राज्यपाल इस न्यायोचित एवं जनहितकारी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51(3) के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ करेंगे।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन, बीकानेर के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने पूर्ण दिवस स्वेच्छा से न्यायिक कार्य से विरत रहकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इसके पश्चात अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल संगठित रूप से जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचा, जहां संबंधित अधिकारियों के माध्यम से दोनों ज्ञापन प्रेषित किए गए।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित, सचिव हेमन्त सिंह चौहान, उपाध्यक्ष लेखराम धत्तरवाल, धर्मेन्द्र वर्मा, मनिष गौड़, सुरेन्द्र पाल शर्मा, कुन्दन व्यास, सुरेश श्रीमाली, सुखदेव व्यास, भंवर विश्नोई, ओम भादाणी, फुलचंद चौधरी, अरविन्द सिंह, गणेश टाक, नवनीत नारायण व्यास, मनोज गोदारा, रामनिवास बिश्नोई, वीर बहादुर, मनीष सांखला, दिव्य मोहन, संदीप विश्नोई, दीपा खत्री, दिव्या, गिरजा पुरोहित, नरेन्द्र विश्नोई सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।




