बीकानेर, 8 अगस्त। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं बीकानेर के अभिभावक न्यायाधिपति सुदेश बंसल के बीकानेर आगमन पर शनिवार सुबह राष्ट्रीय उच्च अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के सर्किट हाउस में बीकानेर बार एसोसिएशन की ओर से उनका स्वागत किया गया। बार एसोसिएशन ने शॉल साफा एवं माल्यार्पण कर न्यायाधिपति का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर बार के सभापति रामकृष्ण दास गुप्ता एवं अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने न्यायाधिपति बंसल को ज्ञापन सौंपकर बीकानेर संभाग में राजस्थान उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच गठित करने, न्यायालयों से संबंधित समस्याओं एवं मुख्यालय पर स्थित विशेष न्यायालयों के क्षेत्राधिकार को विस्तृत करने तथा उपखंड स्तर पर विशेष न्यायालयों से जुड़े मामलों में विचारण का अधिकार मुख्यालय स्थित विशेष न्यायालयों को दिए जाने की मांग रखी।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं के लिए नवीन चैंबर्स के निर्माण तथा पार्किंग व्यवस्था के लिए भी राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में कार्रवाई की मांग की गई। बार एसोसिएशन ने बताया कि पूर्व में 1 अगस्त 2002 को श्री रामभुलाया, सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा के अनुसार न्यायिक परिसर के परिवर्तन की मांग भी रखी गई है।
बार एसोसिएशन के अनुसार न्यायाधिपति सुदेश बंसल के बीकानेर के अभिभावक न्यायाधिपति नियुक्त होने पर द्वितीय बार बीकानेर पधारने पर अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। ज्ञापन में बताया गया कि अधिवक्ताओं की संख्या 4000 से अधिक होने के कारण वर्तमान 72 चैंबर्स पर ही चैंबर्स के नवनिर्माण की योजना रखी गई है। साथ ही न्यायिक परिसर के परिवर्तन की मांग भी दोहराई गई।
न्यायाधिपति बंसल ने बार एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए अपने स्तर पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में बार सचिव हेमंत सिंह चौहान, बार उपाध्यक्ष लेखराम धतरवाल, धर्मेन्द्र वर्मा, मनोज गोड़, वरिष्ठ अधिवक्ता गणेश चौधरी, चन्द्रराज कोठारी, कर्ण सिंह तंवर, भागीरथ मान, रविकान्त वर्मा, कुलदीप शर्मा, सुरेन्द्र पाल शर्मा, मिलापचन्द धतरवाल, भंवर बिश्नोई, हनुमान बिश्नोई, बजरंग छिंपा, मुश्ताक कुकणा, गणेश टाक, राजेन्द्र उपाध्याय, रामनिवास बिश्नोई, देवेन्द्र शर्मा, पवन व्यास, प्रभात तंवर एवं जितेन्द्र लाल सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।






