156 विद्यार्थियों ने 26 टीमों के साथ प्रस्तुत किए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर स्मार्ट ईवी चार्जिंग और सैटेलाइट इमेजिंग तक दिखी प्रतिभा
बीकानेर। विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा, नवाचार क्षमता और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक तकनीकी समाधानों को मंच प्रदान करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में मंगलवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के कॉलेज स्तरीय इंटरनल हैकाथॉन का आयोजन किया गया। आयोजन में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अभिनव आइडिया एवं प्रोजेक्ट विशेषज्ञ ज्यूरी के समक्ष प्रस्तुत किए।
26 टीमों ने दिखाया नवाचार और तकनीकी कौशल
कॉलेज स्तरीय स्क्रीनिंग राउंड में कुल 26 टीमों ने अपने प्रोजेक्ट और आइडिया प्रस्तुत किए। प्रत्येक टीम में छह विद्यार्थी शामिल रहे। इस प्रकार कुल 156 विद्यार्थियों ने इस तकनीकी आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी की।
हैकाथॉन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग सहित विभिन्न शाखाओं के विद्यार्थियों ने भाग लेकर यह प्रदर्शित किया कि तकनीकी शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थी वास्तविक सामाजिक, शैक्षणिक, पर्यावरणीय और औद्योगिक समस्याओं के समाधान विकसित करने की क्षमता भी रखते हैं।
नौ सदस्यीय ज्यूरी ने किया प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन
प्रोजेक्ट्स की स्क्रीनिंग एवं मूल्यांकन के लिए कॉलेज स्तर पर नौ सदस्यीय ज्यूरी समिति का गठन किया गया। समिति में डॉ. इंदु भूरिया कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. ऋतुराज सोनी, श्री चेना राम, श्री रणजीत सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, श्री धनरूप नागर, डॉ. गणेश प्रजापत सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
ज्यूरी ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन उनके नवाचार, समस्या की प्रासंगिकता, तकनीकी व्यवहार्यता, समाधान की उपयोगिता, संभावित प्रभाव तथा भविष्य में बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावनाओं के आधार पर किया।
स्मार्ट कैंपस कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम ने दिखाई प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की राह
कोड क्लैशर्स टीम ने स्मार्ट कैंपस कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तुत किया। टीम में कार्तिक मोंगा, करण कुमावत, कुलदीप सिंह शेखावत, लक्ष्य खत्री, माही जांगिड़ और निखिलेश सिंह शामिल रहे।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कॉलेज कैंपस में क्लासरूम, बिजली, पानी, सफाई और वाई-फाई जैसी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को डिजिटल एवं स्वचालित बनाना है। विद्यार्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं और सिस्टम शिकायत की श्रेणी तथा प्राथमिकता की पहचान कर उसे संबंधित विभाग तक भेजता है। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर रिमाइंडर भेजने की सुविधा भी प्रस्तावित है।
स्मार्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन से ई-रिक्शा चालकों को मिलेगी आसान और पारदर्शी सुविधा
इनोवेटिव क्लस्टर्स टीम ने इलेक्ट्रिक वाहनों, विशेषकर ई-रिक्शा चालकों के लिए स्मार्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन का समाधान प्रस्तुत किया। टीम में योगेश सिंह राजपुरोहित, भावेश सिंह, डिंपल शेखावत, मृगेंद्र राठौड़, सौरभ कुमावत और अर्पित कुमार शामिल रहे।
सिस्टम में आरएफआईडी और क्यूआर कोड आधारित यूजर पहचान एवं भुगतान व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। ईएसपी32 माइक्रोकंट्रोलर और ऊर्जा मापन तकनीक के माध्यम से वाहन को दी गई वास्तविक बिजली की खपत का आकलन कर उसी आधार पर बिल तैयार किया जा सकता है।
सहारा प्रोजेक्ट बुजुर्गों को उपलब्ध कराएगा भरोसेमंद स्थानीय सहायता नेटवर्क
वॉइडऑप्स टीम ने बुजुर्गों की सहायता के लिए सहारा नामक डिजिटल समाधान प्रस्तुत किया। टीम में स्नेहा, पुष्पेंद्र वर्मा, रिया पंवार, प्रांशु स्वामी, वैभव तिवारी और विजय मीणा शामिल रहे।
सहारा परिवार के भरोसेमंद लोगों, पड़ोसियों, सत्यापित हेल्पर्स और स्थानीय सेवा प्रदाताओं का ट्रस्टेड लोकल नेटवर्क तैयार करने की अवधारणा पर आधारित है। स्मार्ट मैचिंग एल्गोरिदम विश्वसनीयता, दूरी, उपलब्धता और कार्य की प्रकृति के आधार पर उपयुक्त व्यक्ति का चयन करता है। उपलब्धता नहीं होने पर बैकअप चेन के माध्यम से अनुरोध अगले व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
एड्यूनिक्स से व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार होगी पढ़ाई
एड्यूनिक्स टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया। टीम में कंचन, अनुराग पुनिया, आशीष स्वामी, इंतेखाब आलम, अजय और पुनीत शर्मा शामिल रहे।
सिस्टम विद्यार्थी के परीक्षा परिणाम, गलत उत्तर, विषयवार प्रदर्शन और सीखने की प्रगति का विश्लेषण कर कमजोर अवधारणाओं की पहचान करता है। इसके बाद विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत अध्ययन मार्ग, अभ्यास प्रश्न और अनुकूलित परीक्षाओं की सिफारिश की जाती है।
लिब्रिसफ्लो से डिजिटल लाइब्रेरी को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप
डेवसॉरस टीम ने लिब्रिसफ्लो — स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट एंड नॉलेज डिस्कवरी प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया। टीम में अनूप सोनकरिया, आदित्य सिंह, हरिओम राठौड़, हेमंत नागर, कुंभा राम कुमावत और पलक जिंदल शामिल रहे।
इसमें स्मार्ट बारकोड आधारित बुक इश्यू सिस्टम के साथ पीयर-टू-पीयर बुक ट्रांसफर की सुविधा प्रस्तावित की गई है। लिब्रिसफ्लो को ओपन सोर्स और सेल्फ-होस्टेबल बनाने की अवधारणा इसे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के लिए उपयोगी बनाती है।
हीटमैपिंग डिटेक्शन से सैटेलाइट डेटा का होगा आसान विश्लेषण
इग्नाइट टीम ने हीटमैपिंग डिटेक्शन नामक अत्याधुनिक समाधान प्रस्तुत किया। टीम में देवांश जायसवाल, अंकित ओझा, अमन कुमार, ध्रुव पंचोली, महक मंसिंहका और पार्थ सारथी दाधीच शामिल रहे।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य सैटेलाइट से प्राप्त थर्मल इन्फ्रारेड डेटा को अधिक सहज और विश्लेषण योग्य विजुअल फॉर्म में परिवर्तित करना है। इसकी संभावित उपयोगिता शहरी हीटवेव की चेतावनी, जंगलों में आग की पहचान, सूखा प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में बताई गई है।
टॉप-5 प्रोजेक्ट्स को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
26 टीमों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन के पश्चात शीर्ष पांच प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया। चयनित टीमों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कॉलेज स्तर से राष्ट्रीय मंच की ओर बढ़ेंगे विद्यार्थी
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का इंटरनल हैकाथॉन विद्यार्थियों के लिए केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अपने आइडिया को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने और उसे राष्ट्रीय स्तर की चुनौती के अनुरूप विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
कॉलेज स्तर की स्क्रीनिंग के माध्यम से बेहतर और प्रभावशाली प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। आयोजन ने विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीकों और टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमिता की भावना को मजबूत किया।
प्राचार्य डॉ. संजीव जैन के नेतृत्व में कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 156 विद्यार्थियों, 26 टीमों और अनेक नवाचारपूर्ण विचारों के इस संगम ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर में तकनीकी प्रतिभा और नवाचार की नई ऊर्जा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।








