भारत विकास परिषद राजस्थान उत्तर प्रांत की प्रांतीय संपर्क एवं संवाद बैठक में प्रबुद्ध एवं प्रभावी वर्ग ने साझा किए विचार, सामाजिक बदलाव के लिए सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्प

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प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र निर्माण में निभाए सक्रिय भूमिका : दुर्गा दत्त शर्मा

बीकानेर, 9 अगस्त। भारत विकास परिषद राजस्थान उत्तर प्रांत के तत्वावधान एवं भारत विकास परिषद ‘मीरा’ शाखा, बीकानेर के आतिथ्य में रविवार को रानी बाजार स्थित द पार्क पैराडाइज होटल में ‘प्रबुद्ध, समृद्ध एवं प्रभावी वर्ग संपर्क व संवाद बैठक’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘प्रबुद्ध वर्ग का राष्ट्र निर्माण में योगदान’ रहा।

शाखा संरक्षिका ऋतु मित्तल ने बताया कि बैठक का उद्देश्य समाज के विभिन्न प्रभावशाली एवं प्रबुद्ध वर्गों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव, विशेषज्ञता एवं विचारों का समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े चिकित्सक, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, उद्योगपति, शिक्षाविद, अधिवक्ता, रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारी, बैंकिंग एवं वित्त क्षेत्र के प्रतिनिधि, होटल व्यवसायी तथा समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा माँ भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात स्वाति गोस्वामी ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

प्रबुद्ध वर्ग की शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी : संदीप बाल्दी

क्षेत्रीय महासचिव, राजस्थान उत्तर पश्चिम क्षेत्र सीए संदीप बाल्दी ने प्रबुद्ध, समृद्ध एवं प्रभावी वर्ग संपर्क बैठक की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के प्रभावशाली एवं सक्षम वर्ग के पास ज्ञान, संसाधन और नेतृत्व क्षमता मौजूद है। यदि इस सामर्थ्य को सेवा एवं राष्ट्रहित की दिशा में संगठित किया जाए तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न प्रभावशाली वर्गों को ‘संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण’ के माध्यम से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति देना है।

परिषद की गतिविधियों एवं उद्देश्यों से कराया परिचित

प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दीप्ति वाहल ने भारत विकास परिषद की विचारधारा, कार्यपद्धति एवं विभिन्न सेवा गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रबुद्ध नागरिकों से परिषद से जुड़कर अपनी विशेषज्ञता, अनुभव एवं संसाधनों का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया।

प्रांतीय महासचिव डॉ. संजय जिंदल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। ऋतु मित्तल एवं डॉ. रजनी शर्मा द्वारा उपस्थित गणमान्य नागरिकों का परिषद की ओर से अभिनंदन एवं परिचय कराया गया।

समाज में बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : दुर्गा दत्त शर्मा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दुर्गा दत्त शर्मा ने प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करते हुए कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकार या किसी एक संस्था के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के सक्षम, शिक्षित, अनुभवी एवं प्रभावशाली नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने क्षेत्र की विशेषज्ञता एवं अनुभव के माध्यम से समाज में परिवर्तन का वाहक बन सकता है। उन्होंने प्रबुद्धजनों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों पर अपने विचार साझा करते हुए समाधानपरक सुझाव दिए तथा समाजहित में सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

संवाद में उभरे महत्वपूर्ण सुझाव

बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों ने समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और सुझाव साझा किए। संवाद में स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा, संस्कार, पर्यावरण, खेल, नागरिक सुविधाओं एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए।

प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिया कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए उन्हें रचनात्मक, सामाजिक एवं राष्ट्रहित की गतिविधियों से जोड़ा जाए। बच्चों में बचपन से ही संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वस्थ जीवनशैली एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने, समाज को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने तथा नई पीढ़ी को स्वस्थ जीवन-पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई गई।

कुछ प्रतिभागियों ने सरकारी व्यवस्थाओं एवं नागरिक सुविधाओं, विशेष रूप से सड़क एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रभावी तरीके से प्रशासन के समक्ष रखने तथा उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने का सुझाव दिया।

संवाद के दौरान मोबाइल एवं डिजिटल माध्यमों के अत्यधिक उपयोग से बच्चों एवं युवाओं को बचाकर उन्हें खेलकूद, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी विचार व्यक्त किए गए। खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं स्वस्थ समाज निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसके विस्तार पर जोर दिया गया।

प्रबुद्धजनों ने पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक जागरूकता को समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ यदि अपनी क्षमता एवं अनुभव को सामाजिक कार्यों से जोड़ें तो स्थानीय स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।

बीकानेर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की उल्लेखनीय सहभागिता

कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। इनमें जुगल राठी, डॉ. देवेंद्र अग्रवाल, डॉ. लवलीन कपिल, डॉ. राजेंद्र पुरोहित, पार्षद पुनीत शर्मा, पीयूष शांगारी, डॉ. रेखा आचार्य, डॉ. मीना असोपा, पर्वतारोही सुषमा बिस्सा, कर्नल बिस्सा सहित चिकित्सक, इंजीनियर, सीए, उद्योगपति, अधिवक्ता, रेलवे एवं वित्त क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन शामिल रहे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय गतिविधि संयोजक विनोद आढ़ा, क्षेत्रीय संरक्षक नृत्य गोपाल मित्तल, क्षेत्रीय संस्कार सचिव रितेश अरोड़ा, प्रांतीय पदाधिकारी दिव्या माथुर, डॉ. राजेंद्र गर्ग, डॉ. वेद गोयल सहित विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मीरा शाखा की ओर से प्रांतीय महिला सहभागिता से जुड़ी छवि गुप्ता, कल्पना खंडेलवाल, अलका डॉली पाठक, सीमा शर्मा सहित शाखा के अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।

अतिथियों का प्रभावी परिचय एवं मंच संचालन

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्यजनों का परिचय डॉ. संजय जिंदल, शाखा संरक्षिका ऋतु मित्तल एवं डॉ. रजनी शर्मा द्वारा कराया गया। परिचय के दौरान अतिथियों के सामाजिक, व्यावसायिक एवं सेवा क्षेत्र में योगदान को रेखांकित किया गया।

शाखा संरक्षिका ऋतु मित्तल ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के प्रबुद्ध एवं प्रभावशाली वर्ग को एक मंच पर लाकर सार्थक संवाद स्थापित करना इस बैठक का महत्वपूर्ण उद्देश्य था। बीकानेर के गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता यह दर्शाती है कि समाज राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि इस संवाद से प्राप्त सुझावों को केवल चर्चा तक सीमित न रखते हुए उन्हें सेवा एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से धरातल पर उतारना ही इस बैठक की वास्तविक सफलता होगी।

कार्यक्रम के पश्चात सभी आगंतुकों के लिए स्वरुचि भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ।

भारत विकास परिषद की इस प्रांतीय संपर्क एवं संवाद बैठक ने बीकानेर में सेवा, संवाद, विशेषज्ञता और सामाजिक नेतृत्व को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक का संदेश स्पष्ट रहा कि जब समाज का प्रबुद्ध वर्ग अपनी क्षमता और अनुभव को राष्ट्रहित से जोड़ता है, तो सकारात्मक परिवर्तन की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं।

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