स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान से कमल रंगा, डॉ.मेघना शर्मा व शफीक अहमद वारसी हुए सम्मानित

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भव्य कवि सम्मेलन मुशायरे में कविता एवं शायरी की महक से श्रोता हुए आनंदित

स्वर श्रृंगार कला केंद्र समिति की तरफ से कीर्तिशेष भजन गायक फकीरचंद मोदी की पावन स्मृति में स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान 2026 का आयोजन स्थानीय महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, नागरी भण्डार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ गायक कलाकार पूनम मोदी ने बताया कि कीर्तिशेष भजन गायक फकीरचंद मोदी की स्मृति में राजस्थानी, हिंदी व उर्दू साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए क्रमशः वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा, कवयित्री कथाकार डॉ.मेघना शर्मा व जयपुर के नौजवान शायर शफीक़ अहमद वारसी को स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान 2026 अर्पित किया गया। सम्मान के क्रम में तीनों शख़्सियतों को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र एवं माल्यार्पण से सम्मानित किया गया। सम्मान से अभिभूत होते हुए कमल रंगा, डा. मेघना शर्मा एवं शफीक़ अहमद वारसी ने संस्थान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस सम्मान से वे अपनी जिम्मेदारी बढ़ी हुई महसूस कर रहे हैं एवं इस जिम्मेदारी पर खरा उतरने की भरपूर कोशिश करेंगे। सम्मानित हुए तीनों रचनाकारों की रचनाओं को भी भरपूर सराहना मिली।
कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ शायर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि इस अवसर पर पिछले दिनों दिवंगत हुए मशहूर उर्दू शायर मरहूम बशीर बद्र की याद में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शायर रमजान राजजामी ने कहा कि समिति ने इस कार्यक्रम के जरिए बीकानेर की सर जमीन में गंगा जमुनी संस्कृति को बढ़ाने का मोहब्बत भरा काम किया है।
मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद शांतिलाल मोदी ने कहा कि आज के कवि सम्मेलन में कवियों और शायरों ने एक से बढ़कर एक उम्दा रचनाएं प्रस्तुत करके भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संगीतकार गुलाम मोहम्मद (पाक़ीजा फैम) के सुपुत्र मुमताज अहमद ने कहा कि समिति का यह प्रयास बहुत ही सराहनीय प्रयास है, इससे साहित्यकारो को प्रोत्साहन मिलता है एवं समाज को साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से मार्गदर्शन मिलता है।
आयोजक संस्था के अध्यक्ष पूनम मोदी ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रतिभावान रचनाकारों का सम्मान करना समाज का उत्तरदायित्व है। समिति साहित्यकारों के सम्मान में भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित करवाके साहित्यकारों का मान सम्मान करती रहेगी।
कार्यक्रम में मरहूम बशीर बद्र की पोती सुब्ह बद्र और क़ासिम बीकानेरी ने बशीर बद्र के उम्दा कलाम को बेहतरीन अंदाज में पेश करके श्रोताओं से भरपूर तारीफें पाईं।
कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में नगर के चुनिंदा लगभग डेढ़ दर्जन रचनाकारों ने अपनी हास्य व्यंग्य ओज, करुणा एवं श्रृंगार रस की कविताओं एवं शायरी से श्रोताओं को लुत्फ अंदोज कर दिया और वाह वाह कहने पर मजबूर कर दिया। कविता पाठ करने वाले रचनाकारों में कासिम बीकानेरी, वली मोहम्मद गौरी, सागर सिद्दीकी, मुहम्मद मोइनुद्दीन मुईन, राजेन्द्र स्वर्णकार, मनीषा आर्य सोनी,बाबू बमचकरी, डॉ. कृष्णा आचार्य, कैलाश टाक,ज्योति स्वामी व विप्लव व्यास शामिल थे।
इससे पूर्व कार्यक्रम के अतिथियों एवं संस्था पदाधिकारियों द्वारा मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं डॉ. कृष्णा आचार्य द्वारा सरस्वती वंदना करके कार्यक्रम का आगाज किया गया।
कार्यक्रम में अमित गोस्वामी, संतोष तिवाड़ी, मोहम्मद तारीक, सलीम भाटी,बशीर बद्र की पुत्रवधू परवीन एवं अन्य परिजन, व्यंग्यकार आत्माराम भाटी, गंगा बीसन बिश्नोई, सुशील शर्मा, गोपाल गोतम, अशोक सेन, गिरिराज पारीक, याकूब भाटी,सुरेश मदान,शमीम अहमद शमीम,जवाहर जोशी, वसीम जामी, एम.रफीक कादरी, कुमार महेश, लोक गायक मदन जेरी,जहीर चांदवानी, मोहम्मद यासीन, मोहम्मद अली मुगल, सय्यद अखतर अली, मंजू शर्मा, कृष्ण लाल, राजेश सांखला, शैलेंद्र चैहान, गोपाल व्यास कुंठित, फिल्म निर्देशक अमरजीत सिंह गिल, सुनील शादी व छोटू खान सहित अनेक लोग उपस्थित थे|
कार्यक्रम का सरस संचालन वरिष्ठ कवि कथाकार कासिम बीकानेरी ने किया।

   
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