अलग अलग खेलो में खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दमखम
‘
बीकानेर। इन दिनों बीकानेर की पहचान केवल अपनी संस्कृति और विरासत से नहीं, बल्कि खेलों के बढ़ते जुनून से भी हो रही है। शहर के लगभग हर इलाके में युवा खिलाड़ियों की चहल-पहल दिखाई दे रही है। कोई बैडमिंटन कोर्ट की ओर बढ़ रहा है तो कोई फुटबॉल मैदान की तरफ, कहीं तीरंदाजी के निशाने साधे जा रहे हैं तो कहीं बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी अपना दमखम दिखा रहे हैं। नंदलाल जोशी चेरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘खेलो बीकानेर यूथ गेम्स 3.0’ ने पूरे शहर को खेलमय बना दिया है।
पांच दिवसीय इस मेगा स्पोर्ट्स आयोजन में 18 खेलों की प्रतियोगिताएं शहर के 12 विभिन्न मैदानों और खेल परिसरों में आयोजित की जा रही हैं। इनमें 3000 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में युवतियां भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। तीरंदाजी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, शतरंज, फुटबॉल, बॉक्स क्रिकेट, स्वीमिंग, कूडो, हॉकी, बॉक्सिंग और टेनिस सहित अनेक खेलों में लगातार मुकाबले चल रहे हैं।
आयोजन के मुख्य सूत्रधार रविन्द्र हर्ष ने बताया कि प्रतियोगिताएं 18 जुलाई तक चलेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से बीकानेर में इस स्तर के मेगा स्पोर्ट्स इवेंट की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे अब ‘खेलो बीकानेर यूथ गेम्स’ ने पूरा कर दिया है। उनका कहना है कि इस मंच के माध्यम से शहर की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है और भविष्य में यही खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है। लगातार तीसरे संस्करण तक पहुंच चुका यह आयोजन अब बीकानेर के खेल कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
टेनिस में रोमांचक मुकाबले, कई खिलाड़ियों ने जीते खिताब
खेलों के संयोजक अनिल जोशी ने बताया कि टेनिस प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। अंडर-10 बालक वर्ग में भानु प्रताप सिंह इन्दा ने पहला, हृदयांश गांधी ने दूसरा और लक्ष्य ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंडर-14 बालिका वर्ग में काव्या विजेता रहीं, जबकि वाणी राठौड़ ने दूसरा और वैष्णवी छिम्पा ने तीसरा स्थान हासिल किया। अंडर-18 बालिका वर्ग में ऋषिता गुजर प्रथम, आयुषी चौधरी द्वितीय और नाइशा गुप्ता तृतीय रहीं। महिला वर्ग में कुंजल पंवार ने पहला, प्रियांशी बिश्नोई ने दूसरा और डिवीजा सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंडर-14 बालक वर्ग में अद्विक मोहता विजेता बने, जबकि मनन दूसरे और शक्ति सिंह संधू तीसरे स्थान पर रहे। वहीं अंडर-18 बालक वर्ग में नीलेश प्रजापत ने प्रथम, प्रियांश खत्री ने द्वितीय तथा लक्ष्य शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
तीरंदाजी और बॉक्सिंग में भी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
अनिल जोशी ने बताया कि तीरंदाजी प्रतियोगिता में बालक वर्ग में श्याम सुंदर ने स्वर्ण, पंकज ने रजत और मुकेश ने कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग में मीनाक्षी ने स्वर्ण, आध्या ने रजत तथा माया ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में 40 से 43 किलोग्राम भार वर्ग में निशिता चौधरी और सुपर्णा, 46 से 49 किलोग्राम में कीर्ति व्यास, तृप्ति व्यास और सोम्या, 55 से 58 किलोग्राम में हर्षिता पंचारिया और ममता जाट, 61 से 64 किलोग्राम में लगन और बनेश, जबकि 71 किलोग्राम भार वर्ग में माही आचार्य विजेता रहीं।
बालक वर्ग में 34 किलोग्राम में आनंद, 44 से 46 किलोग्राम में हेमांग और केशव, 46 से 49 किलोग्राम में अंशुमान और गेनाराम, जबकि 52 से 55 किलोग्राम भार वर्ग में विशाल चौधरी, अर्जुन, मोहम्मद अनास और सहेजवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
रात 12 बजे तक गूंज रहा बॉक्स क्रिकेट मैदान
सह संयोजक ज्योति प्रकाश रंगा ने बताया कि बॉक्स क्रिकेट प्रतियोगिता युवाओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। कोठारी हॉस्पिटल के सामने स्थित बॉक्स क्रिकेट मैदान पर प्रतिदिन शाम 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक मुकाबले खेले जा रहे हैं। बड़ी संख्या में टीमें हिस्सा ले रही हैं और हर मैच में दर्शकों का उत्साह देखने लायक है। मैदान पर खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रेमियों की भी भारी भीड़ जुट रही है, जिससे पूरे आयोजन का माहौल किसी बड़े स्पोर्ट्स फेस्टिवल जैसा नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि खेलो बीकानेर यूथ गेम्स केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहर में खेल संस्कृति को मजबूत करने का अभियान बन चुका है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि बीकानेर में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और नई सोच विकसित हो रही है, जो आने वाले वर्षों में शहर को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिला सकती है।












