हत्या के मामले में दो को उम्रकैद:बीकानेर में मिली थी महिला की धड़ और हाथ कटी लाश, बाकी हिस्सा जोधपुर के नाले में मिला
बीकानेर

टी शर्ट में मुस्कान और दो अन्य आरोपी संगीता और विकास मान। (फाइल फोटो)
बीकानेर की जिला एवं सेशन न्यायालय ने चर्चित महिला हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने जोधपुर निवासी विकास मान और संगीता को हत्या, साक्ष्य मिटाने और अवैध हथियार रखने का दोषी माना। मृतका का नाम मुस्कान था।
यह फैसला जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्वनी कुमार विज की अदालत ने सुनाया। मामला पुलिस थाना जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा हुआ है।
डंपिंग यार्ड में मिली थी महिला की क्षत-विक्षत लाश
मामले के अनुसार 15 जून 2024 को पुलिस गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि कोटड़ी घड़सीसर अंडरब्रिज के पास डंपिंग यार्ड के कचरे में एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। महिला की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष बताई गई थी। शव की हालत बेहद भयावह थी। महिला की गर्दन और दोनों हाथ कटे हुए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तत्कालीन एसपी तेजस्वनी गौतम ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले का खुलासा किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने विकास मान और संगीता को गिरफ्तार किया। महिला के शव का बाकी हिस्सा यानी धड़ और हाथ जोधपुर के एक नाले में पड़े मिले। टोल नाके पर एक कार के नंबर और मौके पर अंधेरे में महज कार का रंग पता लगने पर पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया था।
हत्या, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट में चला मुकदमा
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 34 तथा आयुध अधिनियम की धारा 4/25 और 35 के तहत आरोप पत्र पेश किया। मामला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 से सेशन न्यायालय में कमिट हुआ, जहां दोनों आरोपियों पर आरोप तय किए गए।
18 गवाह और 144 दस्तावेज अदालत में पेश
सरकार की ओर से लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 18 गवाह पेश किए। इसके अलावा 144 दस्तावेज और 22 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को मजबूत मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
हत्या में उम्रकैद, एक-एक लाख का जुर्माना
अदालत ने हत्या के अपराध में दोनों आरोपियों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य मिटाने के मामले में पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया। इसके अलावा आयुध अधिनियम के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।
सहेली की हत्या करने वाली महिला, उसके बॉयफ्रेंड को उम्रकैद:बीकानेर में धड़ फेंका, जोधपुर में मिले थे सिर-हाथ; लिव इन में रहने पर टोकती थी
बीकानेर

टी शर्ट में मुस्कान और दो अन्य आरोपी संगीता और विकास मान। (फाइल फोटो)
बीकानेर के चर्चित मुस्कान हत्याकांड में कोर्ट ने महिला और उसके बॉयफ्रेंड को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुस्कान दोनों के लिव इन रिलेशन के खिलाफ थी। इसके चलते दोनों ने प्लानिंग कर उसकी हत्या कर दी थी।
मुस्कान का धड़ बीकानेर में तो उसके सिर और हाथ जोधपुर के नाले में मिले थे। 15 जून 2024 को हुई इस हत्या के मामले में गुरुवार को बीकानेर की जिला एवं सेशन न्यायालय ने फैसला सुनाया।
कोर्ट ने जोधपुर निवासी विकास मान (37) और संगीता (35) को मुस्कान (34) हत्या, साक्ष्य मिटाने और अवैध हथियार रखने का दोषी माना।
यह फैसला जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्वनी कुमार विज ने सुनाया। मामला पुलिस थाना जयनारायण व्यास कॉलोनी का 2024 के जून महीने का था।

तस्वीर, 15 जून की है। बीकानेर में युवती का शव मिला था।
अब पढ़िए पूरा मामला
- 15 जून 2024 को पुलिस गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि बीकानेर के कोटड़ी घड़सीसर अंडरब्रिज के पास डंपिंग यार्ड के कचरे में एक महिला का शव पड़ा है। लाश की गर्दन और हाथ ही नहीं थे। इसके बाद 21 जून 2024 को जोधपुर के रातानाडा इलाके में एक नाले में कट्टे में युवती के हाथ और सिर मिले थे।
- तत्कालीन एसपी तेजस्वनी गौतम ने मामले का खुलासा किया। विकास की कार की डिटेल के जरिए उसकी और संगीता की पहचान हुई थी। टोल नाके पर कार जोधपुर की तरफ और बीकानेर आती हुई नजर आई थी।तस्वीर, 21 जून की है। जोधपुर में मुस्कान का सिर और हाथ मिले थे।
18 गवाह और 144 दस्तावेज अदालत में पेश
सरकार की ओर से लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 18 गवाह पेश किए। इसके अलावा 144 दस्तावेज और 22 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। अदालत ने हत्या के अपराध में दोनों आरोपियों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं साक्ष्य मिटाने के मामले में पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया। इसके अलावा आयुध अधिनियम के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।














