बीकानेर।गंगाशहर के राजकीय सेटेलाईट अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ. संजीव सहगल को आज सेवानिवृति के उपलक्ष्य में भावभीनी विदाई दी गई। डॉ. मुकेष बाल्मिकी ने बताया कि डॉ. सहगल अपनी 30 वर्ष से अधिक चिकित्सा की राजकीय सेवाओं में पिछले लगभग 20 वर्षों से गंगाशहर अस्पताल में सेवाऐं प्रदान कर रहें हैं। डॉ. बाल्मीकि ने कहा कि डॉ. सहगल ने बहुत ही कुशलता, निष्ठा व सेवा भावना से रोगियों की सेवा की है। उनका अस्पताल के अन्य चिकित्सकों एवं स्टाफ तथा रोगियों के साथ बहुत ही मधुर व्यवहार रहा है। वे अपना दायित्व बहुत जागरूकता से निभाया है। उनके सेवा निवृत्त होने से रिक्तता की अनुभूति होगी। डॉ. बाल्मिकी ने डॉ. सहगल का अभिनन्दन करते हुए उनके सुखी, सुदीर्घ व कल्याणकारी जीवन की कामना की।
गंगाशहर नागरिक परिषद् के बच्छराज रांका ने बताया कि इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. मुकेश बाल्मीकि एवं डॉ. विजयपाल सूनिया ने डॉ. सहगल को साफा पहना कर व डॉ . चन्द्रप्रभा, डॉ. बिन्दु एवं डॉ. रेणु ने शॉल ओढ़ा कर डॉ. संजीव सहगल का स्वागत किया। सुश्री गीतांजलि ने डॉ. सहगल व उनकी धर्मपत्नी डॉ. अनुपमा सहगल का तिलक लगाकर सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. विजय कच्छावा व सीनियर नर्सिंग अधिकारी मोहनलाल मोदी ने डॉ. सहगल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ. जयसिंह राठोड़़, नवदीप कौर, कल्पना यादव, मनोज प्रजापत, परमेश्वर सियाग, अमित सारस्वत, पंकज माण्डन, मनोज पन्नू, अनिल यादव, अमित बड़गूजर, सुशीलकुमार, विनोद सोनगरा, विकास सोलंकी, कार्तिक खत्री, मंगल दाधीच, नारायण, मनीष बारूपाल, मगनसिंह आदि अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मी एवं समस्त स्टाफ के सदस्यों ने डॉ. सहगल का माल्यार्पण कर सम्मान किया।
इस अवसर पर अस्पताल में सहयोगी संस्था गंगाशहर नागरिक परिषद् के कन्हैयालाल बोथरा, जतनलाल दूगड़, बच्छराज रांका, महेन्द्र चौपड़ा, मगनमल छाजेड़, नर्सिंग भट्टड़, पानमल मारू, बच्छराज बैद आदि ने डॉ. सहगल का शॉल, माला, तिरंगी पताका ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर डाॅ. संजीव सहगल का अभिनन्दन किया।
समारोह में कन्हैयालाल बोथरा ने अपने उद्गार व्यक्ति करते हुए कहा कि सेवाकाल में महत्वपूर्ण यह होता है कि उनका सेवाकाल कैसा रहा है। बोथरा ने कहा कि डॉ. सहगल चिकित्सक के साथ ही सुहृदय, खुशमिजाज एवं सेवाभावी व्यक्ति हैं। 30 वर्षों से अधिक राजकीय बेदाग सेवाकाल इनके निष्ठापूर्ण व कर्त्तव्यपरायण कार्यशैली का परिचायक है। इस अवसर पर डॉ. जयश्री मुरली मनोहर ने कहा कि सेवा निवृति उनके सेवाकाल के बाद की जिन्दगी का नया शुभारम्भ है। उन्होंने डाॅ. संजीव सहगल के नाम का विश्लेषण करते हुए कामना की कि वे अपना भावी जीवन संजीदगी व जिंदादिली से जीयें। इस अवसर पर डॉ.सहगल के अग्रज डॉ.सुरेश सहगल ने भी अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि हमें गौरव है कि डॉ. संजीव सहगल ने सार्थक व सफल दायित्व निभा कर हमारे माता-पिता व परिवार का गौरव बढ़ाया है।
इस अवसर पर गंगाषहर नागरिक परिषद् के संयोजक जतनलाल दूगड़ ने कहा कि चिकित्सा का प्रोफेशन मात्र आजीविका अर्जन का माध्यम ही नहीं है, वस्तुतः यह मानवता की सेवा का कार्य है। डॉ. सहगल ने आदर्श चिकित्सक के रूप में मानवता की बेसकीमती सेवा की है। दूगड़ ने बताया कि डॉ. सहगल ने गंगाशहर अस्पताल में सन् 2007 से लगातार निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों के माध्यम से लगभग 30,000 रोगियों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर नेत्र ज्योति प्रदान की है। अस्पताल के नेत्र विभाग में ओ.पी.डी. व ऑपरेशन थिएटर की सभी मशीनें एवं उपकरणों की व्यवस्था में डॉ. सहगल की प्रेरणा एवं कुशल मार्गनिर्देशन रहा है। दूगड़ ने कहा कि आपकी मूल्यपरक सेवा का कार्यकाल सम्पन्न हो रहा है, मगर आपकी अमूल्य सेवाओं से परिवार व समाज लाभान्वित होता रहे।
डॉ. सहगल ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपने सेवाकाल में श्री डूंगरगढ़ में साढ़े नौ वर्ष व साढ़े उन्नीस वर्ष गंगाशहर अस्पताल में कार्यरत रहा हूं। गंगाशहर अस्पताल में जो कार्य करने की सुविधाएं, वातावरण व सामंजस्य मिला है, उससे मैं अभिभूत हूं। यहां की स्मृतियों सदा मेरे साथ रहेगी।
इस समारोह में अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी व अन्य स्टाफ के साथ ही गंगाशहर नारिक परिषद् के सदस्य, डॉ. जयश्री मुरली मनोहर, डॉ. अंजू कोचर, आदि डॉ. सहगल के परिजन व मित्रगण व अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जतनलाल दूगड़ ने किया।

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