बीकानेर को बजट से इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर में उम्मीद:आयुर्वेदिक अस्पताल समेत नए कलेक्ट्रेट परिसर की मांग, अलग से एयरपोर्ट चाहती है जनता

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बीकानेर को बजट से इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर में उम्मीद:आयुर्वेदिक अस्पताल समेत नए कलेक्ट्रेट परिसर की मांग, अलग से एयरपोर्ट चाहती है जनता

बीकानेर

राज्य की भजन लाल सरकार से बीकानेर को बहुत सारी उम्मीदें हैं। सबसे बड़ी उम्मीद बीकानेर की रेलवे क्रासिंग समस्या के समाधान की है, जिसके लिए पिछले बजट में भी घोषणा हुई थी लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उम्मीद की जा रही है।

वित्त मंत्री दीया कुमारी की ओर से पेश होने वाले बजट में रेलवे क्रासिंग समस्या के समाधान के लिए पुराने बजट के साथ नए बजट की घोषणा की उम्मीद की जा रही है। बीकानेर के सांखला फाटक के पास से अंडर पास बनाने और कोटगेट पर अंडर पास बनाने की योजना बनी थी। इस घोषणा को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। अंडर पास के लिए अब बजट भी बढ़ गया है। ऐसे में सरकार को पूर्व में जारी बजट से ज्यादा बजट की उम्मीद की जा रही है ताकि ये काम हो सके।

नहीं खुला आयुर्वेद अस्पताल

पिछले बजट में सरकार ने जाते-जाते बीकानेर के मुरलीधर व्यास कॉलोनी में आयुर्वेद अस्पताल की घोषणा की थी, लेकिन ये आयुर्वेद अस्पताल अब तक शुरू नहीं हुआ। आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक स्तर का कार्यालय भी बीकानेर में है लेकिन भवन नहीं है। इसके भवन के लिए भी बजट की डिमांड चल रही है।

कलेक्ट्रेट के नए परिसर की डिमांड

बीकानेर में कलेक्ट्रेट नया बनाने की मांग भी अर्से से चल रही है। इसके लिए कई बार जमीन सर्च की गई लेकिन अब तक जमीन तय नहीं हो सकी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बीकानेर में नए सचिवालय के रूप में घोषणा होगी, जहां कलेक्टर सहित अन्य विभागों के अधिकारी एक साथ बैठ सकें।

एयरपोर्ट के लिए जमीन

बीकानेर में वायु सेना स्टेशन पर ही सिविल एयरपोर्ट संचालित हो रहा है। इसके लिए भी जमीन आवंटन और बजट की मांग की जा रही है। अगर सरकार नाल के आसपास जमीन आवंटन के साथ ही बजट देती है तो बीकानेर को अलग से बड़ा एयरपोर्ट मिल सकता है।

इन प्रोजेक्ट्स पर है नजर

कला एवं संस्कृति की दृष्टि से बीकानेर में केंद्र स्थापित करने की मांग उठती रही है। यहां उस्ता कला, मथैरण, नक्काशी और हस्तकला के लिए केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की योजना वसुंधरा राजे सरकार के वक्त से चल रही है। तब भी यहां ऐसे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के लिए जगह देखी जा रही थी। बीकानेर के मंदिरों पर धनराशि खर्च करने की उम्मीद बनी हुई है।

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