BY DEFENCE JOURNALIST SAHIL | T.I.N. NETWORK
BSF Intelligence Branch Cracks Major Cross-Border Smuggling Plot in Bikaner; 1.665 kg Heroin Worth ₹8.5 Crore Seized in High-Precision Joint Operation
Bikaner, Rajasthan | 12 August 2025
In yet another resolute display of vigilance and operational precision, the Border Security Force’s (BSF) Intelligence Branch in Bikaner has foiled a major cross-border narcotics smuggling attempt. Acting on pinpoint intelligence, BSF operatives, in coordination with Khajuwala Police, seized 1.665 kilograms of high-grade heroin from the vicinity of village 21 BD, barely a few kilometres from the Indo-Pakistan international border. The seizure, valued at nearly ₹8.50 crore in the international narcotics trade, marks a significant disruption to smuggling networks operating from across the border.
Operation Launched on a Needlepoint of Intelligence
The Intelligence Branch had received credible inputs suggesting that a consignment of heroin was to be pushed into Indian territory by Pakistani counterparts. The modus operandi was believed to involve cross-border couriers and hidden caches planted in the sandy terrain of the border belt, which smugglers would later retrieve under the cover of darkness.
Responding swiftly, a joint search operation was initiated under the leadership of Shri Ajay Luthra, Deputy Inspector General, Sector Headquarters Bikaner; Shri Dhananjay Mishra, Deputy Inspector General, Intelligence Branch Jodhpur; Shri Abhimanyu Jha, Commandant, 96 Battalion BSF; and Shri Mahesh Chand Jat, Deputy Commandant, Intelligence Branch Bikaner.
The teams combed designated areas using a grid-search method, covering even the smallest dune depressions where traffickers often conceal narcotics. It was during this sweep that the heroin consignment — concealed meticulously to evade detection — was discovered and secured.
Strategic Significance of the Seizure
This recovery goes beyond its market value. Border intelligence agencies have long linked narcotics smuggling to funding for extremist and anti-national networks. Profits from heroin sales often finance terror logistics, arms procurement, and recruitment drives for sleeper cells. In this context, the interception is both a law enforcement and national security success.
The Indo-Pak border in Rajasthan, especially stretches falling under Bikaner and Jaisalmer sectors, has increasingly seen smugglers shift from traditional livestock theft and contraband trade to high-value narcotics. This shift mirrors global narcotics routes where heroin originating from Afghanistan’s poppy fields finds its way into India via Pakistan.
BSF’s Ongoing Anti-Narcotics Vigil
The Bikaner Intelligence Branch has a history of delivering precise and effective interdictions. In the past year alone, several high-value seizures have been made based on actionable intelligence generated by this unit. The strategy combines human intelligence (HUMINT) from local sources, technical surveillance, and coordination with police forces in districts along the border.
Shri Mahesh Chand Jat, who played a pivotal role in this operation, has also been spearheading awareness drives in villages near the border, warning youth against the dangers of drug addiction and the tactics used by traffickers to lure carriers with quick money.
Commendable Team Effort
Besides senior leadership, the operation’s success owes much to the contributions of Shri Shiv Bhaskar Tiwari, Second-in-Command; Shri Arun Kumar, Deputy Commandant; Inspector Indraj Singh Badsara of the 96 Battalion; and Inspector Kamlesh Kumar of the Intelligence Branch Bikaner.
Their combined efforts not only neutralised a smuggling attempt but also delivered a strong message to trafficking syndicates — that the BSF remains an unblinking sentry at India’s borders.
बी एस एफ की इंटेलीजेंस ब्रांच ने बीकानेर में नाकाम किया बड़ा ड्रग रैकेट; 1.665 किलो हेरोइन, कीमत ₹8.50 करोड़, संयुक्त अभियान में बरामद
बीकानेर, राजस्थान | 12 अगस्त 2025
भारत-पाक सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) की इंटेलीजेंस ब्रांच ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खाजूवाला पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए उच्च-स्तरीय संयुक्त अभियान में 1.665 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता की हेरोइन बरामद की गई। यह खेप ग्राम 21 बी डी के पास से मिली, जो सीमा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब ₹8.50 करोड़ आंकी गई है।
खुफिया इनपुट पर तेज़ और सटीक कार्रवाई
बीएसएफ को पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र में हेरोइन की बड़ी खेप भेजी जानी है। तस्कर आमतौर पर रेत के टीलों में गड्ढे खोदकर पैकेट छिपा देते हैं और फिर रात के अंधेरे में उन्हें निकालने आते हैं।
इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए श्री अजय लूथरा, उपमहानिरीक्षक, सेक्टर मुख्यालय बीकानेर; श्री धनंजय मिश्रा, उपमहानिरीक्षक, इंटेलीजेंस ब्रांच जोधपुर; श्री अभिमन्यु झा, कमांडेंट 96वीं बटालियन बीएसएफ; और श्री महेश चंद जाट, उपसमादेष्टा, इंटेलीजेंस ब्रांच बीकानेर के निर्देशन में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।
ग्रिड-आधारित तलाशी पद्धति अपनाते हुए पूरे इलाके की गहन जांच की गई। इसी दौरान बड़ी सावधानी से छिपाई गई हेरोइन की खेप मिली, जिसे मौके पर ही सुरक्षित कर लिया गया।
जब्ती का रणनीतिक महत्व
यह बरामदगी सिर्फ आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ी सफलता है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान से आने वाली हेरोइन पाकिस्तान के जरिए भारत में घुसाई जाती है और इसकी बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
राजस्थान की भारत-पाक सीमा, खासकर बीकानेर और जैसलमेर सेक्टर, पिछले कुछ वर्षों में तस्करी के नए हॉटस्पॉट बन गए हैं, जहां पारंपरिक तस्करी के सामान की जगह अब मादक पदार्थों की हेराफेरी ज्यादा हो रही है।
बीएसएफ का सतत अभियान
बीकानेर की इंटेलीजेंस ब्रांच लगातार सटीक ऑपरेशनों के जरिए ऐसे नेटवर्क को तोड़ रही है। पिछले एक साल में कई करोड़ रुपये की हेरोइन, हथियार और अन्य अवैध सामान इसी ब्रांच की सूचना पर बरामद हुए हैं।
श्री महेश चंद जाट न केवल ऑपरेशनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, बल्कि सीमावर्ती गांवों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाते हैं, ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके और तस्करों के चंगुल से दूर रखा जा सके।
टीम वर्क का नतीजा
इस ऑपरेशन में श्री शिव भास्कर तिवारी (सेकंड-इन-कमांड), श्री अरुण कुमार (उपसमादेष्टा), निरीक्षक इंद्राज सिंह बड़सरा (96वीं बटालियन) और निरीक्षक कमलेश कुमार (इंटेलीजेंस ब्रांच बीकानेर) का भी अहम योगदान रहा।
यह सफलता तस्करों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सीमा पर तैनात बीएसएफ हर वक्त सतर्क है और किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।







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