एम्स में नौकरी के नाम पर लाखों ठगे:बोला- तकनीकी सहायक का पद खाली है, साढ़े 5 लाख लगेंगे; गांव आया तो पता चला ठगी हुई

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

एम्स में नौकरी के नाम पर लाखों ठगे:बोला- तकनीकी सहायक का पद खाली है, साढ़े 5 लाख लगेंगे; गांव आया तो पता चला ठगी हुई

बीकानेर

एम्स नई दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। बीकानेर के युवक को न सिर्फ एम्स में नौकरी के लिए फर्जी इंटरव्यू करवाया गया, बल्कि ज्वाइनिंग भी करवाई गई। नौकरी मिलने की खुशी बांटने युवक अपने गांव आकर वापस लौटा तो सारी खुशी उड़ गई। उसे बताया गया कि ऐसी कोई नौकरी नहीं मिली, बल्कि नौकरी के लिए जो लाखों रुपए उसने दिए हैं, वो ठगी थी।

क्या है मामला ?

दरअसल,श्रीडूंगरगढ़ के 32 साल के प्रदीप कुमार पुत्र ओमप्रकाश अहिर ने अनूठी ठगी का ये मामला दर्ज कराया है। प्रदीप का कहना है कि वह अपनी आंख का चेकअप करवाने दिल्ली स्थित एम्स जाता रहता है। इसी दौरान दिल्ली एम्स में एक्सरे विभाग के कार्मिक दिलीप कुमार सैन से उसकी मुलाकात हुई। सैन ने उसे एम्स में तकनीकी सहायक का पद खाली होने व इस पद पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। साथ ही इस काम के लिए रुपए लगने की बात कही। प्रदीप ने कहा अभी रुपए नहीं है तो आरोपी ने कहा कि अभी आवेदन कर दो रुपए बाद में दे देना। परिवादी ने आवेदन कर दिया जिसके बाद आरोपी ने उसका साक्षात्कार, मेडिकल, टाइपिंग टेस्ट करवाए। उसके नाम से ज्वाइनिंग लेटर भी दिया। एम्स में जॉइनिंग भी करवा दी। जहां उसने 5-6 दिन काम भी किया।

5.95 लाख रुपए की ठगी

इस जॉइनिंग के बाद दिलीप कुमार ने रुपए की मांग की तो परिवादी ने अपने नंबर से आरोपी के एक नंबर पर 3 लाख 6 हजार 500 रुपए तथा उसके एक और नंबर पर 2 लाख 88 हजार 500 रुपए ट्रांसफर कर दिए। परिवादी रुपए देकर घर आया और दो दिन बाद लौट कर गया तो वहां लोगों ने उसे काम करने से मना कर दिया। वहां कार्यरत लोगों ने उससे कहा कि तुझे कोई नौकरी पर नहीं लगाया है। हमें रुपए लेने थे इसलिए गुमराह किया। आरोपी ने दिल्ली से भाग जाने और जान से मरवा देने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई धर्मपाल वर्मा को दी है।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!