
बीकानेर। शहर में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नया शहर थाने में परिवादी से बदसलूकी के वायरल वीडियो के बाद अब बीछवाल थाना क्षेत्र से पुलिस की दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि 12 अप्रैल देर रात करीब साढ़े बारह बजे तीन पुलिसकर्मी श्रीगंगानगर रोड स्थित होटल नाइट आउट पहुंचे और होटल बंद होने के बावजूद पीछे गली से किचन का गेट खुलवाकर अंदर घुस गए।
बताया जा रहा है कि अंदर घुसते ही पुलिसकर्मियों ने जबरन तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान होटल के सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि पुत्र संतोष वाल्मीकि ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे गंदी-गंदी और जातिसूचक गालियां दीं। इतना ही नहीं, उसे किचन में ले जाकर बाल खींचे, कपड़े फाड़े और जमकर मारपीट की।
घटना की पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। पीड़ित ने उसी दिन बीछवाल थाने में शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने और लीपा-पोती में जुटी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सादा वर्दी में देर रात पुलिस की गाड़ी से आए ये लोग कौन थे? यदि वे पुलिसकर्मी थे तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और यदि नहीं थे तो पुलिस उन्हें बचाने में क्यों लगी है? सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए






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