Some Of My Projects

Design of a mobile app develops

AI Based Social Networks

NFT Buy and Sell Platform

Web Traffic Management

दार्जिलिंग में कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ी मालगाड़ी, 15 की मौत:60 घायल, रेलवे ने कहा- गुड्स ट्रेन के ड्राइवर ने सिग्नल की अनदेखी की

TIN NETWORK
FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

दार्जिलिंग में कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ी मालगाड़ी, 15 की मौत:60 घायल, रेलवे ने कहा- गुड्स ट्रेन के ड्राइवर ने सिग्नल की अनदेखी की

दार्जिलिंग

हादसा रंगापानी और निजबाड़ी के बीच सोमवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। ट्रेन सियालदह जा रही थी। - Dainik Bhaskar

हादसा रंगापानी और निजबाड़ी के बीच सोमवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। ट्रेन सियालदह जा रही थी।

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में सोमवार सुबह 8:55 बजे एक मालगाड़ी ट्रेन ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को पीछे से टक्कर मार दी। न्यूज एजेंसी PTI ने हादसे में 15 लोगों की मौत और 60 के घायल होने की जानकारी दी है।

रेलवे बोर्ड की चेयरमैन और CEO जय वर्मा ने 5 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं, ईस्टर्न रेलवे के CPRO कौशिक मित्रा ने नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के हवाले से बताया कि 2 लोको पायलट और एक गार्ड समेत 8 लोगों की मौत हुई है।

रेलवे बोर्ड की चेयरमैन के मुताबिक, मालगाड़ी के लोको पायलट ने सिग्नल ओवरशूट किया। जिसके कारण वह कंजनजंगा एक्सप्रेस से टकरा गई। इस हादसे में गार्ड का डिब्बा, जनरल डिब्बा क्षतिग्रस्त हुआ है। आर्मी और NDRF की टीमों ने रेस्क्यू का काम पूरा कर लिया है। रेल रूट के रेस्टोरेशन का काम शुरू हो चुका है।

कौशिक मित्रा ने बताया कि कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन के आखिरी में दो पार्सल और एक SLR कोच लगे हुए थे। इसमें कोई पैसेंजर नहीं था। ट्रेन के 5 डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं। 12:40 बजे एक स्पेशल ट्रेन सियालदह के लिए रवाना हो चुकी है। ट्रेन में अधिकतर यात्री मालदा और बोलपुर के हैं। सिंगल लाइन पर ट्रेन सेवा शुरू कर दी गई है।

सूत्रों का दावा- जब हादसा हुआ, उसके 3 घंटे पहले से सिग्नल खराब था, 6 पॉइंट्स…

  1. रेलवे के एक सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल में रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुबह 5.50 बजे से ही खराब था। कंचनजंगा एक्सप्रेस सुबह 8:27 बजे रंगापानी स्टेशन से रवाना हुई और सुबह 5:50 बजे सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के कारण रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट के बीच रुकी रही।
  2. जब सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आती है तो स्टेशन मास्टर टीए 912 रिटन अथॉरिटी जारी करता है। यह ड्राइवर को खराबी के कारण सभी रेड सिग्नल पार करने का अधिकार देता है।रानीपात्रा के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को टीए 912 जारी किया था। ट्रेन 10 मिनट से यहां रुकी रही। 8:42 बजे रंगापानी से निकली मालगाड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई।
  3. सूत्रों के मुताबिक, केवल जांच से ही पता चल सकता है कि क्या मालगाड़ी को खराब सिग्नल को तेज गति से पार करने के लिए टीए 912 भी दिया गया था या यह लोको पायलट की गलती थी, जिसने डिफेक्टिव सिग्नल नॉर्म का उल्लंघन किया।
  4. यदि दूसरी कंडीशन अप्लाई होती है तो रेलवे के नियम के मुताबिक, ड्राइवर को हर डिफेक्टिव सिग्नल पर एक मिनट के लिए ट्रेन को रोकना चाहिए था। इतना ही नहीं, इस दौरान ट्रेन की स्पीड भी 10 किमी प्रति घंटे की होनी चाहिए थी।
  5. हादसे के बाद फिलहाल कंचनजंगा एक्सप्रेस अलुआबारी स्टेशन पर है। यहां फिटनेस टेस्ट के बाद उसे सियालदह के लिए रवाना किया जाएगा। सारे पैसेंजर्स को 12:40 बजे स्पेशल ट्रेन से सियालदह के लिए रवाना किया जा चुका है।
  6. रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि हादसे वाले रूट पर कवच सिस्टम नहीं था। इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। अब तक 1500 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर कवच सिस्टम एक्टिव है। इस साल के आखिरी तक इसे 3 हजार किलोमीटर तक ले जाया जाएगा।

हादसे की पांच तस्वीरें…

कंचनजंगा एक्सप्रेस के सबसे पीछे की बोगी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़कर हवा में लटक गई।

कंचनजंगा एक्सप्रेस के सबसे पीछे की बोगी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़कर हवा में लटक गई।

मालगाड़ी के इंजन से पैसेंजर ट्रेन के पांच डिब्बों को नुकसान पहुंचा है।

मालगाड़ी के इंजन से पैसेंजर ट्रेन के पांच डिब्बों को नुकसान पहुंचा है।

मालगाड़ी पोर्ट पर इस्तेमाल होने वाले भारी वैगन बॉक्स लेकर जा रही थी।

मालगाड़ी पोर्ट पर इस्तेमाल होने वाले भारी वैगन बॉक्स लेकर जा रही थी।

हादसे में एक डिब्बा चकनाचूर हो गया। इसी में जान-माल का नुकसान हुआ।

हादसे में एक डिब्बा चकनाचूर हो गया। इसी में जान-माल का नुकसान हुआ।

सेना, NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने 5 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।

सेना, NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने 5 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।

घटना से जुड़े अपडेट्स…

  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 2.50 लाख रुपए और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मदद का ऐलान किया गया है।
  • नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के CPRO सब्यसाची दे ने कहा- जिस ट्रैक पर हादसा हुआ है, उसे रात तक चालू कर दिया जाएगा। डाउन कंचनजंगा एक्सप्रेस भी रात में चलेगी। एक्सीडेंट की वजह से 19 ट्रेनें डायवर्ट की गई हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सोमवार दोपहर दिल्ली से आने के बाद बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सोमवार दोपहर दिल्ली से आने के बाद बाइक से घटनास्थल पर पहुंचे।

ममता बनर्जी बोलीं- रेलवे को यात्री सुविधाओं की परवाह नहीं
कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- रेल मंत्रालय को यात्रियों की सुविधाओं की परवाह नहीं है। उन्हें अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की भी परवाह नहीं है। वे भी परेशानी में हैं। उनकी पुरानी पेंशन वापस ले ली गई है।

मैं पूरी तरह से रेलवे कर्मचारियों और रेलवे अधिकारियों के साथ हूं। वे अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस सरकार को केवल चुनाव की परवाह है। कैसे हैकिंग की जाए, कैसे हेरफेर की जाए, कैसे चुनाव में धांधली की जाए। इन्हें काम करने में अधिक समय बिताना चाहिए, बयानबाजी में नहीं।

रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए

गूगल मैप से समझिए कहां हुआ हादसा

यह रूट चिकन नेक कॉरिडोर
कंचनजंगा एक्सप्रेस डेली ट्रेन है। यह बंगाल को पूर्वोत्तर के शहरों सिलचर और अगरतला से जोड़ती है। यह मार्ग चिकन नेक कॉरिडोर में है, जो पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। एक्सीडेंट की वजह से कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कंचनजंगा एक्सप्रेस का इस्तेमाल अक्सर पर्यटक दार्जिलिंग की यात्रा के लिए करते हैं।

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare
Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!