ISRO चीफ सोमनाथ को कैंसर, इंटरव्यू में कन्फर्म किया:आदित्य-L1 लॉन्चिंग के दिन रूटीन चैकअप के लिए गए थे, तभी स्कैन में पता लगा

FacebookWhatsAppTelegramLinkedInXPrintCopy LinkGoogle TranslateGmailThreadsShare

ISRO चीफ सोमनाथ को कैंसर, इंटरव्यू में कन्फर्म किया:आदित्य-L1 लॉन्चिंग के दिन रूटीन चैकअप के लिए गए थे, तभी स्कैन में पता लगा

बेंगलुरु

इसरो चीफ एस सोमनाथ का कार्यकाल में ही भारत ने चंद्रयान-3 (23 अगस्त 2023) और आदित्य-L1 (2 सितंबर 2023) लॉन्च किए। - Dainik Bhaskar

इसरो चीफ एस सोमनाथ का कार्यकाल में ही भारत ने चंद्रयान-3 (23 अगस्त 2023) और आदित्य-L1 (2 सितंबर 2023) लॉन्च किए।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) प्रमुख एस सोमनाथ (60) को कैंसर होने का पता चला है। सोमनाथ ने एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में इस बात को कन्फर्म किया है।

सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग (23 अगस्त) के समय से स्वास्थ्य को लेकर कुछ परेशानियां आ रही थीं। हालांकि, उस समय कुछ भी क्लियर नहीं था। मुझे भी इसे (कैंसर) लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी।

ISRO चीफ ने ये भी बताया कि आदित्य-L1 की लॉन्चिंग (2 सितंबर) के दिन रूटीन चैकअप के गया तो स्कैन में पेट में कैंसर कोशिकाओं में ग्रोथ का पता चला। सोमनाथ का ऑपरेशन हो चुका है। कीमोथैरेपी भी हुई।

एस सोमनाथ के कार्यकाल में ISRO ने इतिहास रचा। भारतीय अंतरिक्ष संस्थान ने न केवल चांद के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक चंद्रयान-3 की लैंडिंग कराई, बल्कि धरती से 15 लाख किमी दूर स्थित लैगरेंज पॉइंट पर सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 लॉन्च किया।

23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हुई थी। तब मोदी साउथ अफ्रीका-ग्रीस के दौरे पर थे। 26 अगस्त को पीएम सुबह 7.30 बजे ISRO कमांड सेंटर पहुंचे और एस सोमनाथ को बधाई दी।

23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हुई थी। तब मोदी साउथ अफ्रीका-ग्रीस के दौरे पर थे। 26 अगस्त को पीएम सुबह 7.30 बजे ISRO कमांड सेंटर पहुंचे और एस सोमनाथ को बधाई दी।

परिवार के लिए सदमा, अब ट्रीटमेंट ले रहा हूं- सोमनाथ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब सोमनाथ की बीमारी का पता चला तो चेन्नई में कुछ और टेस्ट कराए। इसके बाद पूरी तरह से कैंसर का कन्फर्म हो गया। इसके चलते उनके शरीर में कुछ बदलाव भी दिखने लगे थे।

सोमनाथ ने बताया- कैंसर का पता लगना परिवार के लिए शॉकिंग था। फिलहाल बीमारी को समझ रहा हूं और इलाज ले रहा हूं। पूरी तरह से कब तक ठीक हो जाऊंगा, ये कहना मुश्किल है।

जानकारी के मुताबिक, इसरो चीफ चार दिन अस्पताल में रहे, पांचवें दिन ऑफिस जॉइन कर लिया। उनके रेग्युलर चैकअप और स्कैन चलते रहेंगे।

Categories:
error: Content is protected !!