बीकानेर।पूर्विका पोपली को श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ द्वारा अर्थशास्त्र विषच में उनके शोध 11 ए स्टेंडी मॉन इम्पैक्ट ऑफ कस्टमर रीलेशनाशप मैनेजमेंट ऑन कस्टमर को लोभल्टी इन लक्जरी होटल्स इन वेस्टर्न राजस्थान “ पर पी एच डी की उपाधि प्रदान की गयी। पूर्विका ने अपना शोध श्री...
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“मुझे बस अपने तरीके से जीने दो — एक आवाज़ जो आज की भीड़ में दबती नहीं” “मुझे जीने दो” मुझे समझ नहीं आता, लोग क्यों यूँ ही टोके जाते,हर बात में दख़ल देकर, मेरी राहें क्यों मोड़े जाते। कभी ये कहो, कभी वो करो—अरे ज़िंदगी मेरी है, तुम क्यों दिशा दो? मेरी सोच है, मेरे फ़ैसले हैं,इन पर अब किसी...
“बेजुबानों का फ़रियाद: इंसानों की दुनिया में हमारा कसूर क्या है, मेरे खुदा?” ऐसा क्यों किया, मेरे खुदा — बेजुबानों का दर्द सुनो इंसान रहे घरों में — उन्हें पनाहें मिल गईं,हम राहों पर रहे — और हमें डाँटें मिल गईं।मूर्तियों को पूजते हैं, हमें धिक्कारते हैं,जब हमने माँगा अपना हक, तो हमें ही...
मोहब्बत का अनमोल सच मोहब्बत मिलती नहीं बार-बार,चाहे हों दुनिया में चेहरे हजार।मोती भी मिलते हैं बस एक बार,लहरें चाहे उठें समंदर में बेशुमार। विश्वास टूट जाए तो लौटकर नहीं आता,कितने ही वादे कर लो—मन फिर भी समझ नहीं पाता।जीत भी मिलती है केवल एक दफा,अगर करते रहो कोशिशें दिल से—हजार बार। —...
“मैं शेफ़ हूँ — स्वाद से ज़िंदगी गढ़ने की कला” मैं शेफ़ हूँ — यह सिर्फ़ एक नौकरी नहीं,ये मेरा जुनून है।सफ़ेद कोट और ऊँची टोपी ही नहीं,यही मेरी शान है, यही मेरा सुकून है। ये केवल ड्यूटी नहीं, न सिर्फ़ रोज़ी-रोटी,रसोई मेरा मंदिर है—जहाँ स्वाद की आरती रोज़ जलती है। छुरी की चमक और चूल्हे की...












