ऑपरेशन-सिंदूर की एनिवर्सरी पर एक्ट्रेस-रवीना ने लगाया सिंदूर का पौधा:बोलीं- हिंदुस्तान से टकराने से पहले कोई भी 10 बार सोचेगा, यह ऑपरेशन जरूरी था

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ऑपरेशन-सिंदूर की एनिवर्सरी पर एक्ट्रेस-रवीना ने लगाया सिंदूर का पौधा:बोलीं- हिंदुस्तान से टकराने से पहले कोई भी 10 बार सोचेगा, यह ऑपरेशन जरूरी था

जयपुर

जयपुर में बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर बहुत जरूरी था। अब कोई भी हिंदुस्तान से टकराने से पहले 10 बार सोचेगा। हमारे आर्मी और जवानों के हम आभारी हैं। हमारे लिए और हम लोग की सुरक्षा के लिए आज वे अपना सब कुछ लगा देते हैं। उनके लिए परिवार से पहले देश है।

जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में बुधवार को ‘वृक्ष मित्र सम्मान समारोह 2026’ के आयोजन में रवीना टंडन ने मीडिया से बात करते हुए यह कहा। कार्यक्रम में रवीना ने सिंदूर का पौधा भी लगाया।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्यरत ‘श्री कल्पतरु संस्थान’ के 31वें वार्षिक उत्सव पर समारोह आयोजित हुआ। इसमें देशभर से जुटे पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने प्रकृति बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- विकास का विरोध कोई नहीं करता, लेकिन विकास और पर्यावरण को साथ लेकर चलना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

समारोह में पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले “वृक्ष मित्रों” को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में रवीना ने सिंदूर का पौधा भी लगाया।

कार्यक्रम में रवीना ने सिंदूर का पौधा भी लगाया।

समारोह में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।

प्रकृति सजावट का विषय नहीं है

समारोह को संबोधित करते हुए रवीना टंडन ने कहा कि ऐसे आयोजनों में आकर उन्हें केवल खुशी ही नहीं, बल्कि प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में वृक्ष, प्रकृति और स्वच्छ पर्यावरण केवल सजावट या सुविधा का विषय नहीं, बल्कि इंसान के अस्तित्व का आधार हैं।

रवीना ने कहा कि मुझे बहुत प्रसन्नता होती है जब मैं ऐसे आयोजनों में आती हूं, क्योंकि यहां से जो संदेश निकलता है, वह लोगों तक पहुंचना बहुत जरूरी है। आज वृक्ष और प्रकृति हमारे लिए कितने आवश्यक हैं, यह समझना होगा। यह केवल पर्यावरण की बात नहीं, बल्कि इंसानों के सरवाइवल की बात है।

रवीना टंडन ने अपने संबोधन में बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि आधुनिक विकास तभी सार्थक है, जब वह इंसान को जीने लायक जीवन भी दे सके। उन्होंने कहा कि अगर स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और स्वस्थ पर्यावरण नहीं बचा, तो विकास का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।

रवीना को एक युवा कलाकार ने कार्यक्रम में लाइव कैरिकेचर बनाकर गिफ्ट भी किया।

रवीना को एक युवा कलाकार ने कार्यक्रम में लाइव कैरिकेचर बनाकर गिफ्ट भी किया।

उन्होंने कहा कि हम जितना भी डवलपमेंट कर लें, लेकिन अगर सांस लेने के लिए क्लीन ऑक्सीजन नहीं होगी, पीने के लिए साफ पानी नहीं होगा, नदियां जहरीले रसायनों से भर जाएंगी, तो इंसान के जीने का मतलब ही क्या रह जाएगा? हम पैसा तो कमा लेंगे, लेकिन पैसे खा नहीं सकते। हमें हवा चाहिए, पानी चाहिए, अन्न चाहिए। अगर पर्यावरण नहीं बचेगा तो न किसान बचेगा, न फसल बचेगी, न जीवन बचेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने का असर केवल जंगलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव खेती, जल, स्वास्थ्य, मौसम और आने वाली पीढ़ियों तक जाता है। यह एक पूरा चक्र है। अगर प्रकृति असंतुलित होगी तो उसका असर हर क्षेत्र पर पड़ेगा। इसलिए विकास और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ धरती देनी होगी

रवीना ने कहा कि आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित धरती छोड़ने की है। उन्होंने कहा, “हमें सिर्फ अपना आज नहीं देखना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी धरती छोड़कर जा रहे हैं, यह भी सोचना होगा। विकास जरूरी है, लेकिन उसके साथ पर्यावरण को हाथ में हाथ डालकर चलना होगा। तभी हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ धरती दे पाएंगे।

समारोह को संबोधित करते हुए रवीना टंडन ने कहा कि ऐसे आयोजनों में आकर उन्हें केवल खुशी ही नहीं, बल्कि प्रेरणा भी मिलती है।

समारोह को संबोधित करते हुए रवीना टंडन ने कहा कि ऐसे आयोजनों में आकर उन्हें केवल खुशी ही नहीं, बल्कि प्रेरणा भी मिलती है।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा बनने चाहिए। समाज को यह समझना होगा कि प्रकृति की रक्षा करना, स्वयं की रक्षा करना है। रवीना टंडन ने इस अवसर पर पर्यावरणविद् विष्णु लांबा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति के लिए “पागलपन” जरूरी है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि यह जुनून और समर्पण न हो, तो इतने बड़े स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का कार्य संभव नहीं है।

गौरतलब है कि विष्णु लांबा के नेतृत्व में श्री कल्पतरु संस्थान ने देश और विदेश में 150 से अधिक पर्यावरण अभियानों का संचालन किया है और अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाकर और संरक्षित कर एक उल्लेखनीय विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

सम्मानित हुए वृक्ष मित्र, शुरू हुए नए अभियान

समारोह में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। “वृक्ष मित्र सम्मान” के माध्यम से उन लोगों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

कार्यक्रम में देशभर से एक हजार से अधिक पर्यावरण कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, प्रकृति प्रेमियों और वन संरक्षण से जुड़े लोगों ने भाग लिया। समारोह में पद्मश्री से सम्मानित अभिनेत्री रवीना टंडन मुख्य आकर्षण रहीं, जबकि महाराष्ट्र के पूर्व वन एवं वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, पूर्व आईएएस पवन अरोड़ा सहित कई विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर पर्यावरणविद् और ट्री मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात विष्णु लांबा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अभियानों की शुरुआत की गई। समारोह में ऑपरेशन सिंदूर 2.0 का द्वितीय संस्करण लॉन्च किया गया, परिंदों के लिए परिंडा अभियान की शुरुआत हुई और नक्सल ग्रीन मिशन का पोस्टर भी जारी किया गया। इस अभियान के तहत हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए उन्हें वनमित्र और वनबंधु के रूप में नई दिशा देने की योजना प्रस्तुत की गई।

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