जयपुर पूर्व राजपरिवार के पद्मनाभ सिंह का लंदन में एक्सीडेंट:सर्जरी करनी पड़ी; पिता और बहन गौरवी भी थे साथ; डिप्टी सीएम भी पहुंचीं

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जयपुर पूर्व राजपरिवार के पद्मनाभ सिंह का लंदन में एक्सीडेंट:सर्जरी करनी पड़ी; पिता और बहन गौरवी भी थे साथ; डिप्टी सीएम भी पहुंचीं

जयपुर

जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह लंदन घूमने गए थे। - Dainik Bhaskar

जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह लंदन घूमने गए थे।

जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह कार हादसे में घायल हो गए हैं। दुर्घटना लंदन (इंग्लैंड) में हुई है। पद्मनाभ अपने पिता नरेंद्र सिंह और बहन गौरवी कुमारी के साथ लंदन में छुटि्टयां बिताने गए हुए थे। कार में उनके साथ पिता और बहन भी थे। दोनों ठीक हैं। हादसे के बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी भी लंदन पहुंच गई हैं।

सिटी पैलेस से मिली जानकारी के अनुसार, पद्मनाभ की लंदन के हॉस्पिटल में सर्जरी की गई है। सर्जरी के बाद वे ठीक हैं। पद्मनाभ और गौरवी कुमारी ने कुछ समय पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लंदन में घूमते हुए के फोटो शेयर किए थे।

सड़क हादसे से कुछ दिन पहले पद्मनाभ स्कॉटलैंड के ड्रमंड कैसल में हुए डियोर क्रूज शो में शामिल होने पहुंचे थे। यहां गौरवी कुमारी भी मौजूद थीं।

पद्मनाभ अपने पिता नरेंद्र सिंह और बहन गौरवी कुमारी के साथ लंदन में छुटि्टयां बिताने गए हुए थे।

पद्मनाभ अपने पिता नरेंद्र सिंह और बहन गौरवी कुमारी के साथ लंदन में छुटि्टयां बिताने गए हुए थे।

लंदन से ही की थी पोलो करियर की शुरुआत
पूर्व राजपरिवार के सदस्य होने के साथ पद्मनाभ पोलो के खिलाड़ी भी हैं। पद्मनाभ ने अपना पोलो करियर 2015 में इंग्लैंड में ही शुरू किया था। वहां वे विंडसर में गाड्‌र्स पोलो क्लब के सदस्य बने थे। उन्होंने 2017 में हर्लिंगम पार्क की ऐतिहासिक यात्रा में भारतीय नेशनल टीम की कमान संभाली थी, जो 70 से ज्यादा साल में वहां जाने वाली पहली भारतीय टीम थी। इससे पहले उनके दादा कमान संभाल चुके थे।

पद्मनाभ ने सोशल मीडिया पर लंदन के फोटोज शेयर किए थे।

पद्मनाभ ने सोशल मीडिया पर लंदन के फोटोज शेयर किए थे।

जयपुर को पोलो को फिर से दी ऊंचाइयां
पद्मनाभ सिंह न केवल पोलो में अपने कौशल के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपनी लाइफ स्टाइल से भी चर्चा में रहते हैं। पद्मनाभ की पहल पर ही जयपुर पोलो को फिर से नई ऊंचाइयां मिली हैं। 2011 में सवाई भवानी सिंह के निधन के बाद पद्मनाभ को 12 साल की उम्र में अनौपचारिक रूप से जयपुर के महाराजा का ताज पहनाया गया था। पद्मनाभ सिंह जयपुर के शाही परिवार के 303वें वंशज हैं। पद्मनाभ सिंह ने अजमेर के फेमस मेयो कॉलेज और इंग्लैंड के प्रसिद्ध पब्लिक स्कूल मिलफील्ड से शिक्षा ली है।

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