S. Jaishankar: ‘वैश्विक दक्षिण का मतलब मानसिकता, एकजुटता और आत्मनिर्भरता’, नाइजीरिया में बोले विदेश मंत्री
S Jaishankar: नाइजीरियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि वैश्विक दक्षिण मानसिकता, एकजुटता और आत्मनिर्भरता के बारे में है।

गुटनिरेपक्ष आंदोलन के 19वें शिखर सम्मेलन में सिरकत करने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर अब नाइजीरिया में हैं। इस बीच सोमवार को उन्होंने कहा कि वैश्विक दक्षिण एक मानसिकता है। यह एक तरह से एकजुटता और आत्मनिर्भरता है। जयशंकर यहां नाइजीरियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स (एनआईआईए) में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। जिसका विषय ‘भारत और वैश्विक दक्षिण’ रखा गया था।
इस दौरान उन्होंने कहा, आज का वैश्विक एजेंडा पुनर्संतुलन और बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देना है। जिससे दुनिया अपनी प्राकृतिक विविधता को जारी रख सके। इस दौरान उन्होंने कहा, आज का वैश्विक एजेंडा पुनर्संतुलन और बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देना है। जिससे दुनिया अपनी प्राकृतिक विविधता को जारी रख सके।
जयशंकर ने कहा कि अर्थव्यवस्था के केंद्रीकरण से वर्चस्व की समकालीन चुनौतियां पैदा होती हैं। वैश्विक दक्षिण मानसिकता, एकजुटता और आत्मनिर्भरता के बारे है। मंत्री ने कहा, पिछले एक दशक में हुए बदलावों ने भारत को एक उदाहरण, साझेदार और योगदानकर्ता बनाया है।जयशंकर युगांडा में गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद रविवार को नाइजीरिया की राजधानी अबुजा पहुंचे।








