VIP सीट ! जोधपुर में दोनों प्रत्याशी राजपूत, जाट-विश्नोई करेंगे जीत का फैसला:शेखावत-उचियारड़ा की अलग-अलग इलाकों में पकड़, भितरघात और बागियों से खतरा

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VIP सीट ! जोधपुर में दोनों प्रत्याशी राजपूत, जाट-विश्नोई करेंगे जीत का फैसला:शेखावत-उचियारड़ा की अलग-अलग इलाकों में पकड़, भितरघात और बागियों से खतरा

जयपुर

सूर्यनगरी जोधपुर इस वक्त चुनाव की सरगर्मी से तप रही है। बीजेपी से जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस बार जोधपुर में जीत की हैट्रिक लगाना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस बार राजपूत समाज से नए चेहरे करण सिंह उचियारड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है।

हर बार चुनाव में राजपूत वोटबैंक अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस बार कांग्रेस ने भी राजपूत प्रत्याशी को मैदान में उतारकर राजपूत वोटर्स को अपनी तरफ खींचने की कोशिश की है। ऐसे में यहां जाट-विश्नोई वोटर निर्णायक साबित हो सकते हैं।

राम मंदिर, धारा 370, पैराशूट प्रत्याशी, संजीवनी प्रकरण और फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल का पानी सबसे बड़े मुद्दे हैं।

जहरीले पानी को लेकर बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस की तत्कालीन गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कांग्रेस ने जल शक्ति मंत्री शेखावत पर आरोप लगा रही है।

कौन कहां मजबूत : शहर में शेखावत तो ग्रामीण क्षेत्र में उचियारड़ा की पकड़

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जोधपुर जिले की 10 में 8 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत की जोधपुर शहर, सरदारपुरा, सूरसागर पर मजबूत पकड़ है।

कांग्रेस के करण सिंह उचियारड़ा की लूणी, फलौदी, शेरगढ़, लोहावट पर मजबूत पकड़ है। पोकरण सीट पर दोनों की बराबर पकड़ है। ऐसे में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला होगा।

दोनों को बागियों से खतरा

बीजेपी में विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर टिकटों के बंटवारे को लेकर नाराजगी सामने आई थी। शेरगढ़ सीट पर टिकट को लेकर बीजेपी के बाबूसिंह राठौड़ और शेखावत के बीच विवाद यहीं से शुरू हुआ।

इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल ने दोनों के बीच समझौता करवाया। वहीं चुनाव से पहले जोधपुर राजपूत सभा के अध्यक्ष और अशोक गहलोत के करीब हनुमान सिंह खांगटा, पप्पूराम डारा सहित कई नेता बीजेपी में शामिल हो गए थे।

इससे पहले पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच भी बीजेपी में शामिल हो चुके थे। दोनों पार्टियों को इसका नुकसान होगा।

जातिगत समीकरण सबसे अहम

राजनीतिक पार्टियों से प्राप्त डेटा के अनुसार, जोधपुर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा राजपूत समाज के 4 लाख 40 हजार वोट हैं। पिछले दो चुनाव में शेखावत का यह सबसे बड़ा वोट बैंक था।

इस बार कांग्रेस की ओर से राजपूत समाज के ही करण सिंह उचियारड़ा के मैदान में होने के कारण शेखावत के लिए राह आसान नहीं रहेगी।

सीट पर सवा 3 लाख से ज्यादा वोट जाट और विश्नोई समाज के हैं।

मुद्दा : पानी नहीं तो वोट नहीं

राजस्थान के नागौर जिले के पुन्दलू गांव की पहाड़ियों से निकलने वाली जोजरी(जोजड़ी) नदी करीब 150 किलोमीटर लम्बी है। यह नदी नागौर से जोधपुर के गांवों के पास से होते हुए बालोतरा तक जाती है। वहां से लूणी नदी में मिल जाती है।

पहले यह नदी जोधपुर और बाड़मेर जिले के सैकड़ों गांवों के लिए पीने के पानी और खेती का मुख्य स्रोत थी। अब इस नदी में जोधपुर से फैक्ट्रियों का केमिकल पानी मिलने के कारण जहरीला पानी सीधा गांवों में जाता है।

लोगों का कहना है कि इससे खेत बंजर हो रहे है और लोगों के पास पीने का पानी नहीं है। शेरगढ़, पोकरण, लोहावट, लूणी, फलौदी विधानसभाओं में पीने का पानी सबसे बड़ी समस्या है।

जोधपुर से बाड़मेर के बालोतरा तक जोजरी नदी का फैक्ट्रियों का केमिकल मिला पानी सैकड़ों गांवों से गुजरता है। कई किसानों की जमीन इस पानी से बंजर हो चुकी है।

जोधपुर से बाड़मेर के बालोतरा तक जोजरी नदी का फैक्ट्रियों का केमिकल मिला पानी सैकड़ों गांवों से गुजरता है। कई किसानों की जमीन इस पानी से बंजर हो चुकी है।

सैकड़ों गांवों में केमिकल का पानी बना परेशानी

जोधपुर में बासनी, बोरानाड़ा क्षेत्र में लगी फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी जोजरी नदी में आकर मिलता है।

नियम अनुसार फैक्ट्रियों से निकलने वाला पानी ट्रीट होकर नदी में जाना चाहिए, लेकिन यह पानी सीधे नदी में जाता है। जोधपुर के सालावास से होकर निकलने वाली जोजरी नदी का पानी धुंधाड़ा, लाकडथूम्ब, लोलासनी,सालावास, नंदवान, भांडूकलां, धवा, मेलबा गांव से होकर निकलता है।

आगे से यह पानी बाड़मेर के बालोतरा तक जाता है। इस बीच आने वाले गांवों में इस पानी से खेत बंजर हो रहे हैं।

जोधपुर से 40 किलोमीटर दूर धवा गांव के ओमाराम गोदारा का कहना है कि सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत चाहते तो जोधपुर में नहर आ जाती, लेकिन पिछले 10 साल से हम जहरीले पानी से परेशान हो चुके हैं। अब इस पानी को हटाएगा उसे ही वोट देंगे।

जोधपुर के रहने वाले ललित कुमार गहलोत कहते हैं कि देशहित और हिंदुत्व के लिए मोदी को लाना ही होगा। जोधपुर में कोई समस्या नहीं है पानी, सड़क है। अब तो फिर से मोदी को लाएंगे।

करनू देवी का कहना है कि हमारी बस्ती वाले तो इस बार वोट ही नहीं देंगे। बदबू वाले गंदे पानी के पास रहना पड़ता है। हमारे जानवर डूबकर मर जाते है। पीने का पानी नहीं है, खेत बंजर हो गए हैं।

सौरभ वाल्मीकि का कहना है कि सांसद का काम होता है कि पूरे जिले में काम करवाना। शेखावत जोधपुर में एलिवेटेड रोड लेकर आएंगे। देश को बचाना है तो मोदी को वोट देना ही होगा।

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