“गरिमामय जीवन हमारा अधिकार” : अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति

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बीकानेर। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष शारदा सियाग ने बताया कि स्थानीय सुदर्शन कला दीर्घा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “गरिमामय जीवन हमारा अधिकार” विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें उद्घाटन भाषण देते हुए राज्य महासचिव डॉ सीमा जैन ने कहा कि जनवादी महिला समिति महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण और मनुवादी सोच के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला संगठन है। इसलिए महिलाओं को संगठित रहना अनिवार्य है अन्यथा धीरे-धीरे महिला अधिकारों पर हमले तेजी से बढ़ते जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “गरिमामय जीवन हमारा अधिकार” विषय पर विधि विशेषज्ञ डॉक्टर दुर्गा चौधरी और डॉक्टर सुमन चौधरी ने महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों और खासकर “गरिमामय जीवन हर इंसान का अधिकार” है विषय पर पत्र वाचन करते हुए बताया कि वर्तमान दौर में महिलाओं की गरिमा को अधिकतर अवसरों और स्थानो पर तार तार किया जाता है इसके खिलाफ महिलाओं को दृढ़ संकल्पित होना ही होगा। संगठन की संस्थापक कामिनी सक्सेना ने “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ओर वर्तमान हालातों” विषय पर पत्र वाचन किया और महिला संघर्षों के इतिहास पर अपना पत्र वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर भारती सांखला ने महिलाओं और नवयुवतियों को संगठन से जुड़ने का आह्वान किया सांखला ने कहा कि बाजारीकरण तथा बढ़ते नशे के दौर में सबसे अधिक चुनौतियां युवतियों के समक्ष है। संगठन में युवतियों का प्रतिनिधित्व करते हुए सौम्या कौशिक ने कहा कि हम आधी आबादी का भविष्य है इसलिए हमें अभियान चलाकर कॉलेज छात्राओं को संगठन से जोड़ना होगा। सेमिनार में मोनिका पंवार,रमजानी,रेनू प्रजापत, फरजाना, कविता, बिंदु जैन, मंजू मेहरा, ट्विंकल, हर्षिता मल्होत्रा, अर्पिता भाटी, मोनिका जैन, शांति, परवीन, रजिया इत्यादि ने विचार व्यक्त किए हे।

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