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डोटासरा पर भड़के कटारिया, बोले-किस खाते से खड़े हो:स्पीकर बोले- मंत्री जवाब देंगे, आपको बोलने की जरूरत नहीं; भाजपा ने किया वॉकआउट

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डोटासरा पर भड़के कटारिया, बोले-किस खाते से खड़े हो:स्पीकर बोले- मंत्री जवाब देंगे, आपको बोलने की जरूरत नहीं; भाजपा ने किया वॉकआउट

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हुई नोकझोंक।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान लंपी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जमकर नोकझोंक हो गई। इस पर बीजेपी विधायकों ने कड़ी आपत्ति की तो सदन में हंगामा हो गया।

दरअसल, लंपी से जुड़े सवाल के जवाब से विवाद की शुरुआत हुई। नेता प्रतिपक्ष ने जब पशुपालन मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपके जवाब से तो यह लग रहा है कि केंद्र राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं करेगा तो आप सहायता नहीं दोगे। नेता प्रतिपक्ष के इतना कहते ही गोविंद सिंह डोटासरा बीच में खड़े हुए और कहा कि केंद्र क्यों नहीं करेगा, फिर आप लोग किसलिए बैठे हैं।

डोटासरा के बोलने पर नेता प्रतिपक्ष ने पूछा आप किस खाते में खड़े हुए हो। यह किस खाते का अधिकार है, आपदा राहत मंत्री हो क्या। डोटासरा ने पलटवार करते हुए कहा- यह सदन केवल गुलाबचंद कटारिया का ही नहीं है, यह सदन जितना उनका का है, उतना ही गोविंद सिंह डोटासरा का भी है। आपके और मेरे अधिकार यहां पर बराबर हैं।

बीजेपी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष को टोकने पर आपत्ति जताते हुए हंगामा किया। कुछ देर हंगामे के बाद स्पीकर सीपी जोशी के दखल के बाद मामला शांत हुआ। स्पीकर ने कहा – मंत्री अपने आप जवाब दे देंगे, आपको बीच में बोलने की आवश्यकता नहीं है।

कटारिया-डोटासरा के बीच हुए विवाद के बाद हुए हंगामे को शांत कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को दखल देना पड़ा।

कटारिया-डोटासरा के बीच हुए विवाद के बाद हुए हंगामे को शांत कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को दखल देना पड़ा।

लंपी से जुड़े सवाल से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत लंपी से जुड़े सवाल के जवाब से हुई। पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने सदन में कहा- लंपी से मरने वाली गायों के बदले अब तक किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया है। सीएम ने प्रधानमंत्री को चिट्‌ठी लिखकर लंपी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

ताकि आपदा कोष से सहायता दी जा सके। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा- आप खुद सहायता नहीं देंगे। कल भी मैंने सवाल उठाया था कि अप्रैल में जब लंपी के बारे में पता लग गया था तो सरकार अगस्त तक सोती क्यों रही। लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
कृषि मंडी बिल पर हंगामा, बीजेपी का सदन से वॉकआउट
विधानसभा में क़ृषि मंडी संशोधन बिल के विरोध में बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कृषि मंडी संशोधन बिल के पारित होने से पहले हुई बहस में बीजेपी विधायकों ने इसे काला कानून बताते हुए इसे किसानों पर भार डालने वाला बताया।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और कई बीजेपी विधायकों ने कहा कि किसानों की उपज मंडी में बेचने पर अब सेस और मंडी शुल्क का भार पड़ेगा। बिल पारित होने से ठीक पहले उप नेताप्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सदन में वोटिंग करवाने की मांग की, इसके बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बिल के विरोध में सदन से वॉकआउट करने की घोषणा की।

सदन में बहस के बाद दो बिल पास
सदन में आज बहस के बाद दो बिल पारित करवाए गए। कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक और अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक को बहस के बाद आज पारित करवाया गया।

विधायकों की तर्ज पर पूर्व विधायकों को सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा करवाने का प्रावधान वाला बिल कल पास हो चुका है। पूर्व विधायक भी अब स्पीकर की मंजूरी लेकर विदेश यात्रा के लिए एक लाख रुपए तक ले सकेंगे।

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