नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि पी’ का डीआरडीओ द्वारा सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 18 दिसंबर, 2021 को 1106 बजे ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि पी’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। विभिन्न टेलीमेट्री, रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल स्टेशन और पूर्वी तट के साथ स्थित डाउन रेंज जहाजों ने मिसाइल ट्रेजेक्टरी और मानकों को ट्रैक किया तथा उनकी निगरानी की। इस मिसाइल ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करते हुए अपने लक्ष्य का अनुसरण किया।

अग्नि पी डुअल रिडनडेंट नेविगेशन तथा मार्गदर्शन प्रणाली के साथ एक दो चरणों वाली केनिस्ट्राइज्ड सॉलिड प्रोपेलेंट बैलिस्टिक मिसाइल है। इस दूसरे उड़ान परीक्षण ने प्रणाली में एकीकृत सभी उन्नत प्रौद्योगिकियों के भरोसेमंद प्रदर्शन को साबित किया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी और प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने कई अतिरिक्त विशेषताओं के साथ दूसरी विकास उड़ान परीक्षण करने के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की तथा एक ही कैलेंडर वर्ष के भीतर लगातार सफलता के लिए बधाई दी।

रक्षा मंत्रालय

नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि पी’ का डीआरडीओ द्वारा सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 18 दिसंबर, 2021 को 1106 बजे ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि पी’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। विभिन्न टेलीमेट्री, रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल स्टेशन और पूर्वी तट के साथ स्थित डाउन रेंज जहाजों ने मिसाइल ट्रेजेक्टरी और मानकों को ट्रैक किया तथा उनकी निगरानी की। इस मिसाइल ने उच्च स्तर की सटीकता के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करते हुए अपने लक्ष्य का अनुसरण किया।

अग्नि पी डुअल रिडनडेंट नेविगेशन तथा मार्गदर्शन प्रणाली के साथ एक दो चरणों वाली केनिस्ट्राइज्ड सॉलिड प्रोपेलेंट बैलिस्टिक मिसाइल है। इस दूसरे उड़ान परीक्षण ने प्रणाली में एकीकृत सभी उन्नत प्रौद्योगिकियों के भरोसेमंद प्रदर्शन को साबित किया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी और प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने कई अतिरिक्त विशेषताओं के साथ दूसरी विकास उड़ान परीक्षण करने के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की तथा एक ही कैलेंडर वर्ष के भीतर लगातार सफलता के लिए बधाई दी।


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