ईरान ने ‘मोसाद एजेंट’ को फांसी पर लटकाया, इजरायल के साथ दुश्मनी चरम पर

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ईरान ने ‘मोसाद एजेंट’ को फांसी पर लटकाया, इजरायल के साथ दुश्मनी चरम पर

ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के एक कथित एजेंट को फांसी देने का दावा किया है। ईरान ने कहा है कि यह एजेंट क्लासिफाइड इंफॉर्मेशन को विदेशी खुफिया एजेंसियों को सौंपने का दोषी पाया गया था। इसके कई विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ संबंध होने का भी दावा किया गया है।

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हाइलाइट्स

  • ईरान ने मोसाद एजेंट को फांसी देने का किया दावा
  • क्लासिफाइड इंफॉर्मेशन लीक करने का लगाया आरोप
  • सिस्तान जेल में दी गई फांसी, कोर्ट ने खारिज की थी अपील
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ईरान ने मोसाद एजेंट को फांसी दी

तेहरान: ईरान ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट को फांसी देने का दावा किया है। सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि ईरान के दक्षिणपूर्वी सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को इजरायली मोसाद एजेंट को फांसी दी गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस व्यक्ति ने विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेष रूप से मोसाद के साथ बातचीत किया था और क्लासिफाइड इंफॉर्मेशन इकट्ठा की और अपने साथियों की मदद से इसे मोसाद सहित कई विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा किया था। रिपोर्ट में फांसी पर लटकाए गए व्यक्ति का न तो नाम बताया गया और ना ही यह जानकारी दी गई कि वह किस देश का निवासी था।

मोसाद एजेंट पर खुफिया जानकारी लीक करने का आरोप

ईरानी मीडिया रिपोर्ट में सिर्फ इतना बताया गया है कि आरोपी ने “इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करने वाले समूहों और संगठनों के लिए प्रचार” करने के उद्देश्य से “मोसाद अधिकारी” को क्लासिफाइड जानकारी सौंपी थी। इसमें यह नहीं बताया गया कि कथित हैंडओवर कहां हुआ था। यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति को कब गिरफ्तार किया गया, लेकिन आईआरएनए ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

जाहेदान जेल में दी गई फांसी की सजा

यह सजा सिस्तान-बलूचिस्तान की जाहेदान जेल में दी गई, जिसके एक दिन बाद बलूच आतंकवादियों ने प्रांत के एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया था, जिसमें 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। सरकारी टेलीविजन के अनुसार, यह हमला रस्क शहर में हुआ था। हमले में मारे गए लोगों के लिए शनिवार को एक राजकीय अंतिम संस्कार का आयोजन किया गया। इन झड़पों में जैश-अल-अदल समूह के दो आतंकवादी भी मारे गए। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से लगा गरीब सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से सुरक्षाबलों और सुन्नी आतंकवादियों के बीच अक्सर झड़पों का स्थल रहा है।

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