एंटी ड्रोन ऑपरेशन:पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने के लिए एयरफोर्स को मिली स्पेशल गन, जैमर जाम कर देंगे जीपीएस सिग्नल, नोडल सेंटर बनेगा बीकानेर एयरफोर्स स्टेशन

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एंटी ड्रोन ऑपरेशन:पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने के लिए एयरफोर्स को मिली स्पेशल गन, जैमर जाम कर देंगे जीपीएस सिग्नल, नोडल सेंटर बनेगा बीकानेर एयरफोर्स स्टेशन
बीकानेर के बॉर्डर एरिया में अब पाकिस्तानी ड्रोन नजर आया तो एयरफोर्स की गन उसे मार गिराएगी। एयरफोर्स के पास एंटी ड्रोन गन आ गई है। एयरफोर्स के पास एंटी ड्रोन जैमर भी है जो पाकिस्तानी ड्रोन का जीपीएस जाम कर देगा। बीकानेर एयरफाेर्स स्टेशन काे एंटी ड्राेन ऑपरेशन के लिए नाेडल सेंटर बनाया जाएगा।बीकानेर जिले में खाजूवाला, पूगल, बज्जू और दंतौर की सीमा पाकिस्तानी बॉर्डर से लगती है। पाकिस्तान की ओर से जासूसी और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अक्सर भारतीय सीमा में ड्रोन भेजे जाते हैं। ग्रामीणों की ओर से सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दी जाती है, लेकिन तब तक कई बार पाक ड्रोन वापस लौट जाते हैं। अब नाल एयरफोर्स स्टेशन में एंटी ड्रोन गन आ गई है, जिससे भारतीय सीमा में आने वाले पाक ड्रोन को मार गिराया जाएगा। इसके अलावा अब सुरक्षा एजेंसियों के पास एंटी ड्रोन जैमर भी आ गए हैं, जिससे ड्रोन का जीपीएस जाम कर दिया जाएगा।

इससे ड्रोन को कंट्रोल करने वालों से संपर्क कट जाएगा। जल्दी ही एयरफोर्स कॉन्क्लेव आयोजित करेगा जिसमें सेना, बीएसएफ, पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां भाग लेंगी। कॉन्क्लेव में आपसी समन्वय से ड्रोन के खिलाफ मुहिम पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जागरूकता के लिए ड्रोन के नियमों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा।

नाॅलेज बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना
केन्द्र सरकार ने वर्ष 2021 में ड्रोन उड़ाने के नियम बनाए हैं। बाद में वर्ष, 22 में इन्हें संशोधित किया गया। नियमों के मुताबिक ड्रोन उड़ाने के लिए डिजिटल स्काई वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है। साइट पर इंटरैक्टिव एयरस्पेस मैप फीड किया गया है। मैप में ग्रीन, यलो और रेड जाेन बनाए गए हैं। नो फ्लाई जोन भी तय किया गया है।
ग्रीन जोन में ड्रोन उड़ाने के लिए किसी भी नियम की जरूरत नहीं। नो फ्लाई जोन में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है। इसमें केवल पुलिस और सुरक्षा बलों को ही ड्रोन उड़ाने का अधिकार है। ड्रोन उड़ाने के लिए रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन से ट्रेनिंग लेना भी जरूरी है। बिना अनुमति ड्राेन उड़ाने पर एक लाख रुपए जुर्माना है।

पांच कैटेगरी के ड्रोन
भारत में पांच तरह के ड्रोन उड़ाए जाते हैं जिनको भार के हिसाब से कैटेगरी में बांटा गया है। नैनो ड्रोन जो 250 ग्राम से कम क्षमता के होते हैं। दो किलो से कम वजन के माइक्रो ड्रोन, 2 से 25 किलो के बीच के स्मार ड्रोन, 25 से 150 किलो तक के मीडियम ड्रोन और 150 किलो से ज्यादा के बिग ड्रोन।

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