एएफडी टीम ने बैठक में की ”राजस्थान फॉरेस्ट्री एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट” प्रोजेक्ट की डीपीआर पर चर्चा

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एएफडी टीम ने बैठक में की ”राजस्थान फॉरेस्ट्री एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट” प्रोजेक्ट की डीपीआर पर चर्चा

जयपुर, 21 मार्च। फ्रांस और प्रदेश के वन विभाग की नई परियोजना ”राजस्थान फॉरेस्ट्री एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट ” प्रोजेक्ट की डीपीआर पर विचार-विमर्श के लिए फ्रांस एजेंसी की एएफडी की पूर्व मूल्यांकन टीम सोमवार को जयपुर पहुंची। अरण्य भवन स्थित मुख्यालय में टीम ने वन विभाग के आला अधिकारियों से प्रोजेक्ट के बारे में गहन विचार-विमर्श किया।

इस दौरान बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल प्रमुख) डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने उक्त परियोजना को राजस्थान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से पर्यावरण, वन तथा वन्य जीव संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के आने के बाद राज्य के अंदर वन्यजीवों एवं जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। एएफडी टीम की ओर से पूछे गए तमाम प्रशासनिक और वित्तीय प्रश्नों के उत्तर भी उनकी ओर से दिए गए।

डॉ. पाण्डेय ने बताया कि फ्रांस और वन विभाग द्वारा मिलकर ”राजस्थान फॉरेस्ट्री एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट” प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है। राज्य सरकार से अनुमोदन मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को पिछले वर्ष भारत सरकार को भिजवाया गया था। इसी प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए फ्रांस की एजेंसी की एएफडी टीम पिछले वर्ष अगस्त एवं नवंबर में आई थी। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पर चर्चा के लिए सोमवर को एएफडी की पूर्व मूल्यांकन टीम लीडर मि.गुलियम चिरोन के नेतृत्व में जयपुर पहुंची। टीम में मि. एमनुअल फॉर्मन ,मि. ब्रुन्चे वोसले,मिस.अगाथे डूमास और मि.इमेनूयल फोरमान भी शामिल रहे।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) तथा वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जैव विविधता, वन प्रबंध, वन्यजीव प्रबंध आदि में नवाचार जो इस परियोजना में प्रस्तावित किए गए हैं, उनके संदर्भ में एएफडी की टीम द्वारा पूछे गए प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दिए गए।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं परियोजना निदेशक श्री मुनीष गर्ग ने परियोजना के संबंध में वित्तीय मुद्दों पर जानकारी प्रदान करते हुए प्रोजेक्ट की टाइम लाइन के मद्देनजर जल्द ही डीपीआर तैयार कर मार्च माह में ही एएफडी फ़्रांस को भेज दिया जाएगा और वर्ष 2022 में ही प्रोजेक्ट को शुरू करने का सुझाव दिया। एएफडी टीम द्वारा सोमवार सुबह जयपुर पहुँचने पर झालाना लैपर्ट सफारी की गई एवं वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा से भी मुलाक़ात की गई।

बैठक में प्रधान प्रधान मुख्य वन्यजीव प्रति पालक श्री अरिंदम तोमर, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (आईटी) श्री अरिजीत बनर्जी, मुख्य वन संरक्षक जयपुर श्री मनफूल सहित अन्य मौजूद रहे। आरएफ़बीपी की सीसीएफ श्रीमती टीजे कविथा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तारपूर्वक प्रोजेक्ट की रूपरेखा बताई।

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