कश्मीर एनकाउंटरः आतंकी हमले में यूपी के कैप्टन शुभम गुप्ता हुए शहीद, पिता UP पुलिस में DG क्राइम, 8 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती

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कश्मीर एनकाउंटरः आतंकी हमले में यूपी के कैप्टन शुभम गुप्ता हुए शहीद, पिता UP पुलिस में DG क्राइम, 8 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती

कश्मीर एनकाउंटरः आतंकी हमले में यूपी के कैप्टन शुभम गुप्ता हुए शहीद, पिता UP पुलिस में DG क्राइम, 8 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती

Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बुधवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो अफसर और दो जवान शहीद हो गए. इनमें आगरा के डीजीसी क्राइम बसंत कुमार गुप्ता के बेटा कैप्टन शुभम गुप्ता भी शहीद हुए हैं. इसकी सूचना घर पर पहुंचते ही कोहराम मच गया.

कैप्टन शुभम गुप्ता का चयन 2015 में आर्मी में हुआ था. कैप्टन शुभम गुप्ता को 2018 में कमीशन मिला.

कैप्टन शुभम गुप्ता का चयन 2015 में आर्मी में हुआ था. कैप्टन शुभम गुप्ता को 2018 में कमीशन मिला.

आगरा. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बुधवार से आतंकियों के साथ चल रही मुठभेड़ में सेना के दो अफसर और दो जवान शहीद हो गए. इस एनकाउंटर में उत्तर प्रदेश के आगरा के डीजीसी क्राइम बसंत कुमार गुप्ता के बेटे कैप्टन शुभम गुप्ता भी शहीद हुए है. इसकी सूचना घर पर पहुंचते ही कोहराम मच गया. शहीद की सूचना मिलते ही बीजेपी के नेता और प्रशासनिक अधिकारी शहीद के घर पहुंच गए हैं.

जानकारी के अनुसार, कैप्टन शुभम गुप्ता का चयन 2015 में आर्मी में हुआ था. कैप्टन शुभम गुप्ता को 2018 में कमीशन मिला. कैप्टन 9पैरा में थे. धर्मसाल के बाजीमाल इलाके में बुधवार को आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इसी दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. यहां दो आतंकियों के छिपे होने की खबर है. इसी हमले में कैप्टन शुभम शहीद हो गए हैं. शहीद की सूचना मिलते ही  प्रशासनिक अधिकारी और बीजेपी मंत्री एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, एमएलसी विजय शिवहरे, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल  ताजनगरी स्थित शहीद के घर पहुंचे है. डीसीजी क्राइम बसंत गुप्ता के घर पर पड़ोसी, परिचित और रिश्तेदारों का तांता लग गया है.

अब भी जारी है एनकाउंटर

फिलहाल बीते 24 घंटे से यह एनकाउंटर चल रहा है. गुरुवार को एक आंतकी को मारने की सूचना है. सूत्रों के अनुसार डांगरी की तरह रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की थी आतंकियों की साजिश थी. आतंकियों के पास ऑटोमैटिक हथियार थे. शहीदों का बदला लेने के लिए जवानों ने पिछले 24 घंटो से कमान संभाली है. बायनाकुलर आधुनिक उपकरण से चप्पे चप्पे पर जवानों की नजर है. तेज फायरिंग जारी है.

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