कार्यक्रम में 75 लाख खर्च किए, उससे ‘सरकार’ का बहिष्कार:पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में राठौड़ का नाम नहीं, सीएम-3 मंत्री भी नहीं गए

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कार्यक्रम में 75 लाख खर्च किए, उससे ‘सरकार’ का बहिष्कार:पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में राठौड़ का नाम नहीं, सीएम-3 मंत्री भी नहीं गए
शेक्सपियर ने कहा है- ‘नाम में क्या रखा है?’ लेकिन राजनीति में सारा खेल नाम का ही है। शुक्रवार को जयपुर में पर्यटन विभाग ने जिस कार्यक्रम में 75 लाख रु. खर्च किए, वह भी ऐसे ही नाम की भेंट चढ़ गया। दरअसल, होटल क्लार्क्स आमेर में राजस्थान डोमेस्टिक ट्रेवल मार्ट का आयोजन किया, लेकिन आयोजन से पहले आमंत्रित मेहमानों की सूची में आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ का नाम ही नहीं था।जबकि आरटीडीसी पर्यटन विभाग का हिस्सा है। राठौड़ ने इसकी शिकायत सीएमओ से की तो शुक्रवार को उन सभी बड़े नेताओं ने भी कार्यक्रम का अघोषित बायकॉट कर दिया, जिनके नाम आमंत्रण पत्र में थे। इसमें सीएम अशोक गहलोत, पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, पर्यटन राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा व कला एवं संस्कृति राज्यमंत्री जाहिदा खान शामिल थीं। सिर्फ कला एवं संस्कृति के कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला पहुंचे।

सीएमओ से शिकायत हुई तो विभाग ने कहा- गलती हुई
आमंत्रण पत्र में विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ व होटल क्लार्क्स आमेर के मालिक अपूर्व कुमार का नाम कार्ड में है। राठौड़ ने सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका के पास आपत्ति जताई। इस पर विभाग ने सफाई दी कि गलती हो गई। मंच पर राठौड़ की कुर्सी भी लगाई गई व वक्ताओं में उनका नाम भी है। लेकिन राठौड़ नहीं पहुंचे। पर्यटन मंत्री से संपर्क नहीं हो पाया। राज्यमंत्री मीणा बोले- मेरी तबीयत खराब थी।

विवाद 1000 करोड़ रु. के फंड को लेकर भी
सूत्र बताते हैं कि असल विवाद आरटीडीसी को पर्यटन विकास के लिए दिया गया 1000 करोड़ का फंड है। इसकी सीधी निगरानी राठौड़ के पास है। इसी फंड को लेकर पर्यटन की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के साथ उनके मतभेद हुए हैं। इसलिए मामला यहां तक पहुंच गया।

सीएम की मंशा के अनुरूप खर्च होगा फंड : राठौड़
किस कारण से कार्ड में मेरा नाम नहीं लिखा यह तो पर्यटन विभाग जाने। पहली बार पर्यटन के लिए एक हजार करोड़ रुपए विकास कोष का गठन किया। हमारी मंशा है यह एक हजार करोड़ सीएम की मंशा के अनुरूप ही खर्च हो। -धर्मेंद्र राठौड़, चेयरमैन आरटीडीसी

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