लूणकरणसर की बेटियों में करिअर काउंसलिंग वैन के प्रति दिखा उत्साह, आत्मनिर्भर बनने का लिया संकल्प..

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निर्विकल्प फाउंडेशन की वैन ने दिया सटीक मार्गदर्शन

लूणकरणसर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों में मंगलवार को शिक्षा, करिअर और आत्मनिर्भरता से जुड़ने का उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला। निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा बीकाजी के सहयोग से चल रही करियर काउंसलिंग वैन मंगलवार को प्लान इंडिया के सखी संगम में पहुंची। बालिका शिविर परियोजना के तहत आयोजित ‘सखी संगम’ कार्यक्रम में 6 बालिका शिविरों की 30 बालिकाओं ने भाग लिया। करियर काउंसलिंग वैन प्रभारी डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली ने बताया कि संवाद के दौरान बालिकाओं को शिक्षा, करिअर, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। बदलते समय में शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट की जानकारी दी गई और प्रेरित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

इस दौरान आगामी दिनों में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगारपरक कोर्स, सरकारी योजनाओं और निजी क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी साझा की गई। बालिकाओं ने अपनी रुचि और भविष्य की योजनाओं को लेकर व्यक्तिगत काउंसलिंग भी करवाई तथा विशेषज्ञों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त किया।

बेटियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सही करिअर मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, लेकिन इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें अपने लक्ष्य तय करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां गांवों में रहने वाली बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक सत्र 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मान मिलने पर बालिकाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता लूणकरणसर पंचायत समिति के विकास अधिकारी श्री किशोर कुमार ने की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बालिकाओं को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध करवाना बेहद आवश्यक है। ऐसी पहल शिक्षा को बढ़ावा देती है। साथ ही बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य भी करती हैं। उन्होंने बालिकाओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन बालिका शिविर परियोजना के जिला परियोजना समन्वयक ज्ञानेंद्र श्रीमाली ने किया। उन्होंने बताया कि सखी संगम का उद्देश्य ग्रामीण बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, करिअर और सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है, ताकि वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

कॉउंसलर लोचन पारीक ने कहा कि आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे भी हर एक क्षेत्र में सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने व्यक्तिगत परामर्श की जानकारी दी और कहा कि बेटियां अपनी खूबी पहचानते हुए लक्ष्य अनुरूप आगे बढ़ें।

उल्लेखनीय है कि निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा बीकाजी के सहयोग से निशुल्क करियर काउंसलिंग वैन का संचालन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम बीकाजी के संस्थापक स्व. श्री शिवरतन अग्रवाल ‘फन्ना बाबू” को समर्पित है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा गति दोनों बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ किया गया था। जिला स्तर पर पहला कार्यक्रम सोमवार को राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय में हुआ। वहीं लूणकरणसर में तहसील स्तर का पहला कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. श्रीमाली ने बताया कि जुलाई से जिले के 36 सरकारी स्कूलों में काउंसलिंग के अभियान की शुरुआत की जाएगी।

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