कृषि विभाग आयोजित करेगा कृषि मेला, जिला कलेक्टर ने दिए अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश

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बीकानेर, 4 जनवरी। कृषि विभाग द्वारा इस माह के अंत में जिला स्तरीय किसान मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में नवाचारी गतिविधियां करने वाले किसानों तथा पशुपालकों को आमंत्रित किया जाएगा। जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बुधवार को जिला कृषि विकास समिति की बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि में नवाचार करने वाले तथा विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का विभिन्न विभागों से संवाद करवाया जाए। इन किसानों की उत्कृष्ट तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन, कृषि आदान विक्रेताओं की स्टाल्स भी मेले में लगवाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवा, कृषि कार्य से जुड़ें तथा पशुपालन के प्रोत्साहन के प्रयास भी किए जाए। उन्होंने कहा कि मेले में कृषि विभाग के अलावा कृषि विश्वविद्यालय, पशु विज्ञान विश्वविद्यालय सहित आईसीएआर संस्थान भी अपनी भागीदारी निभाएं।*पूर्ण पारदर्शिता से पात्र व्यक्ति तक पहुंचे लाभ*जिला कलेक्टर ने डिग्गी, पाइपलाइन, तारबंदी, कृषि उपकरण, मिनी किट तथा प्रदर्शन के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के साथ पात्र किसान तक पूर्ण पारदर्शिता के साथ लाभ पहुंचे, इसका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने यूरिया और डीएपी की उपलब्धता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बकाया भुगतान के बारे में भी जाना। *बागवानी योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं गति*जिला कलेक्टर ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि की नवीन तकनीकों के साथ-साथ बागवानी फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सेमिनार, संगोष्ठी सहित जागरूकता की अन्य गतिविधियों के माध्यम से किसानों को मोटिवेट किया जाए। उन्होंने समन्वित कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।*किसानों को कराएं कृषि संस्थानों की विजिट*जिला कलेक्टर ने कहा कि माटी परियोजना के तहत प्रस्तावित सभी तकनीकें अपनाने वाले 65 किसानों को कृषि विभाग के अलावा कृषि विश्वविद्यालय, पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की विजिट करवाई जाए, जिससे इन्हें नवीनतम जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के दौरान माटी परियोजना के तहत चयनित 1250 किसानों की कृषि आधारित गतिविधियों की फाइल तैयार की जाए। उन्होंने किसानों को पशु पालन के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए।बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाश चौधरी, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक वीरेंद्र नेत्रा, नाबार्ड के रमेश तांबिया, लीड बैंक मैनेजर एमएमएल पुरोहित, काजरी के एनडी यादव, एसकेआरएयू के डॉ एसआर यादव, राजूवास के डॉ आरके धूड़िया, कृषि अधिकारी और माटी परियोजना कोर्डिनेटर मुकेश गहलोत, सी.आई.ए.एच. के डॉ एस आर मीणा, अमर सिंह, सुभाष विशनोई, राजेश गोदारा, सहायक निदेशक (उद्यान) रेणु वर्मा, सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मानाराम जाखड़ मौजूद रहे।

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