गायों को लम्पी स्किन डिजीज से बचाने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे -भाटी

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गायों को लम्पी स्किन डिजीज से बचाने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे -भाटी
बीकानेर, 8 अगस्त। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि मूक पशुओं में फैल रही संक्रामक लंपी वायरस डिजीज की गंभीरता के प्रति आमजन को आगाह किया जाए। उन्होंने कहा कि यह बीमारी पश्चिमी राजस्थान में गायों में ज्यादा फैली है। संक्रमित गायों, भैंसों का पूरा इलाज का प्रबंध सुनिश्चित किया जाएं।
भाटी ने सोमवार को कोलायत पंचायत समिति सभागार में लम्पी डिजीज संक्रमण के बारे में उपखण्ड अधिकारियों, पशु पालन विभाग के अधिकारियों व पशु चिकित्सा अधिकारियों से इस रोग का फीड बैक लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि दवा और चिकित्सा के अभाव में गो-वंश व अन्य पशुओं की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि कोष से विधानसभा क्षेत्र कोलायत के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से पशुओं के लिए समय रहते दवा क्रय कर ली जाए। पशुपालन विभाग अपने सभी संसाधनों को गोवंश व अन्य पशुधन को बचाने में लगा दे।
भाटी ने कहा कि पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की धुरी और आजीविका का आधार है। लिम्पी डिजीज की रोकथाम के लिए पशुपालकों में जागृति लाने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि गोवंश को बचाने में सहभागी बनें।
ऊर्जा मंत्री ने उपखण्ड अधिकारी व विकास अधिकारी और तहसीलदार को ग्रामीण क्षेत्रों में लम्पी स्किन डिजीज के निदान एवं प्रसार को रोकने के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए हैं।
पशुपालन विभाग को वाहन उपलब्ध कराए
ऊर्जा मंत्री ने उपखण्ड अधिकारी व विकास अधिकारी और तहसीलदार को ग्रामीण क्षेत्रों में लम्पी स्किन डिजीज के निदान एवं रोग के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में हो कार्यवाही
लंपी स्किन डिजीज क्षेत्रों में रोगग्रसित पशुओं को आइसोलेट किया जाकर उनका अलग से उपचार करने, क्षेत्र में स्थित गौशालाओं और पशुओं मक्खियों और मच्छरों से बचाव हेतु छिड़काव करवाने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारे समाज में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। आज जो संकट आया है उसमें सभी को मिलकर इस संकट से गाय को बचाना है। उन्होंने कहा कि भामाशाह व जनप्रतिनिधि सहयोग कर दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराएं ताकि इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सके। इस समय सभी को सक्रियता से कार्य करने की जरूरत है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अभी तक इसकी वैक्सीन नहीं आई है। अतः पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले संसाधन पशुपालकों दिए जाएं । उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग सरपंच व अन्य भामाशाह से समन्वय करें जिससे गौ माता के उपचार के लिए दवाओं की कमी ना रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने गाय पर आए इस संकट के प्रति गंभीर है और उन्होंने केंद्र सरकार से लंपी डिजीज को महामारी घोषित करवाने की मांग की है।
ऊर्जा मंत्री की अपील पर कोलायत पंचायत समिति के सभी सरपंचों, जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्यों ने गोवंश को बचाने के लिए आवश्यक संसाधन और धनराशि, परिवहन के साधन आदि उपलब्ध करवाने का पशुपालन विभाग को भरोसा दिलाया।
ऊर्जा मंत्री भाटी ने पशुपालन विभाग द्वारा गाड़ी की मांग किए जाने पर विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल पशुपालन विभाग की टीम को गाड़ी उपलब्ध कराएं ताकि ग्राम पंचायत तक समय रहते दवा किट उपलब्ध हो सके। स्वस्थ पशु को
संक्रमित के संपर्क में न आने दें। पशुपालन के स्थान पर व गौशालाओं में मक्खी, मच्छर, पिस्सू, चींचड़ आदि न पनपने दें, कीटनाशकों का छिड़काव कराएं, पूरी साफ सफाई व स्थान को हवादार रखें। रोग से बचाव को पशुओं को टीके लगवाएं। संक्रमित पशु को पशु चिकित्सक को दिखाकर दवा दिलाएं और उसके दूध को उबेलकर उपयोग में लें।
बैठक में उपखंड अधिकारी कोलायत प्रदीप कुमार चाहर, विकास अधिकारी दिनेश सिंह भाटी, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग वीरेन्द्र नेत्रा, नोडल अधिकारी पशुपालन डाक्टर जगदीश वैष्णव, सहायक कृषि अधिकारी हरीलाल, झंवर लाल सेठिया, उपनिवेशन तहसीलदार शिव प्रसाद गौड़, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मूल सिंह, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कैलाश बडगूजर, अधिशाषी अभियन्ता डिस्काॅम रंजन, सहित पंचायत राज जनप्रतिनिधि, पशु सखी उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग की ओर से पशु सखियों ने संक्रमित पशुओं के लिए दवा किट दिए ।

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